कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों की लगन व निष्ठा को मिला सम्मान

एडवांस लाइफ सपोर्ट सर्विस (एएलएस) की दो व 23 अन्य 108 एंबुलेंस के ईएमटी व पायलट को सम्मान

JagranPublish:Thu, 24 Jun 2021 11:32 PM (IST) Updated:Thu, 24 Jun 2021 11:32 PM (IST)
कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों की लगन व निष्ठा को मिला सम्मान
कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों की लगन व निष्ठा को मिला सम्मान

सीतापुर : कोविड काल में 108 एंबुलेंस पर काम करने वाले कर्मियों को सेवा प्रदाता कंपनी ने प्रशस्ति पत्र से नवाजा है। सम्मान पाने के बाद पायलट व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन का रोगियों की सेवा के प्रति उत्साह और बढ़ गया है।

जिला महिला अस्पताल में आयोजित सम्मान समारोह में एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के रीजनल मैनेजर इंद्रजीत सिंह ने कार्मिकों की रोगियों की सेवा के प्रति निष्ठा को सराहा। कहा, कोविड वैश्विक महामारी आपदा में रोगियों के प्रति अपनी कार्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने के लिए अच्छा अवसर था। जिसमें एंबुलेंस कर्मी खरे उतरे हैं। इसलिए उनका सम्मान जरूरी है। एंबुलेंस कर्मियों के सम्मान कार्यक्रम में प्रोग्राम मैनेजर रवि श्रीवास्तव, जिला प्रभारी रजत दीक्षित, दिवांशू सिंह भी थे।

दूसरी लहर में तेज था संक्रमण, रोगियों को बचाया

एडवांस लाइफ सपोर्ट सर्विस (एएलएस) एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पंकज गुप्ता व पायलट अवधेश कुमार अधिकारियों से सम्मान पाकर खुश थे। कहा, उनके कार्य को सराहा गया, उनके लिए यह बड़ी बात है। ईएमटी पंकज गुप्ता बताते हैं कि उनकी एएलएस एंबुलेंस जिला अस्पताल से जुड़ी है। उनका कार्य जिला अस्पताल एल-2 के रेफर कोविड रोगियों को लखनऊ व बरेली के अस्पताल ले जाना था। इस बार अप्रैल व मई में कोविड संक्रमण का फैलाव अधिक था। उन लोगों ने रेफर 40-50 रोगियों को समय पर अस्पताल पहुंचाया। ईएमटी पंकज का कहना है कि पिछले साल कोविड संक्रमित रोगी बहुत गंभीर नहीं थे। वह उठकर चल लेते थे, पर इस बार उन्हें कोई भी संक्रमित ऐसा रोगी नहीं मिला जिसे ऑक्सीजन की जरूरत न पड़ी हो। रेफर रोगी को सिलिडर से ऑक्सीजन का सहारा देकर अस्पताल ले जाते थे। वह उठ-चल नहीं पाता था, उस रोगी के सहारे के लिए कम से कम दो तीमारदारों की जरूरत पड़ती थी।