कोरोना का खतरा और जेल में क्षमता से ढाई गुना अधिक बंदी

कोरोना का खतरा और जेल में क्षमता से ढाई गुना अधिक बंदी

938 बंदियों को रखने की क्षमता जेल में है 2147 बंदी जेल में निरुद्ध हैं।

JagranMon, 03 May 2021 12:28 AM (IST)

संसू, सीतापुर : दो गज की दूरी..है बहुत जरूरी। कोविड से बचने को यह फार्मूला कहने भर का है, पर बंदियों के बीच इसका अनुपालन जिला कारागार में संभव नहीं हो पा रहा है। एक तो क्षमता से ढाई-तीन गुने बंदी जेल में निरुद्ध हैं, ऊपर से हर रोज औसतन 20-25 नए बंदियों की आवक जेल में हो रही है। इस तरह जेल में बंदियों का आंकड़ा हर रोज बढ़ता ही जा रहा है। भला ऐसे में यदि बंदियों के बीच शारीरिक दूरी रखने की बात की जाए तो बेमानी होगी। अब शुक्रवार को ही ले लीजिए, जेल में 27 नए बंदी आए और फिर शनिवार को 68 और बंदी आ गए। देखा जाए तो जेल में निरुद्ध बंदियों में सर्वाधिक वही लोग हैं जो अवैध असलहा रखने और अवैध कच्ची शराब बनाने के मामले के हैं। शांति भंग मामले वाले भी काफी तादाद में बंदी जेल में हैं।

संक्रमित 14 बंदियों में दो महिलाएं भी

जेल में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। बंदी संक्रमित हो जा रहे हैं। गुरुवार को दो महिलाओं समेत 14 बंदी कोविड पॉजिटिव मिले। शुक्रवार रात में सीएमओ को मिली आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट में रामपुर सांसद आजम खां व उनका बेटा अब्दुल्ला भी संक्रमित मिला। बंदियों की भीड़ देख जेल प्रशासन भी उनके बीच कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन चाह कर भी नहीं करा पा रहा है।

जांच में निगेटिव पर ही जेल में कर रहे शिफ्ट

नए बंदियों को जिला कारागार में निरुद्ध करने से पहले उन्हें बाल कारागार में रखा जा रहा है। यहां बंदियों की कोविड जांच कराई जाती है। इसमें निगेटिव आने पर ही उन्हें जिला कारागार में लाया जा रहा है।

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