ओपीडी में डाक्टरों का इंतजार कर रहे मरीज, पैथोलाजी भी बंद

सीढि़यों के नीचे दवा की बोरियां परिसर में फैला था कूड़ा तीन एंबुलेंस खराब।

JagranPublish:Tue, 30 Nov 2021 11:27 PM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 11:27 PM (IST)
ओपीडी में डाक्टरों का इंतजार कर रहे मरीज, पैथोलाजी भी बंद
ओपीडी में डाक्टरों का इंतजार कर रहे मरीज, पैथोलाजी भी बंद

जितेंद्र वर्मा, सीतापुर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहला में सुबह 10.15 बजे गेट के बाहर धूप में मरीज व स्वास्थ्य कर्मचारी खड़े थे। पंजीकरण काउंटर पर दो मरीज पर्चा बनवा रहे थे। ओपीडी में नेत्र परीक्षण कक्ष चिकित्सक की कुर्सी खाली थी। कक्ष संख्या-दो में डा. अंकित वर्मा बैठे थे। अंदर कोई मरीज नहीं था। कक्ष संख्या-तीन में चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली थी। वहीं, पैथोलाजी बंद थी। गौरा निवासी भानु प्रताप पुत्री राती यादव का आरटीपीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमर्स चेन रिएक्शन) कराने के लिए संबंधित कर्मचारी का इंतजार कर रहे थे। यहीं पर लौना की गुलाबा भी इंतजार कर रहीं थी। इंजेक्शन रूम पर ताला लटक रहा था। कक्ष संख्या-सात में डा. आरबी सिंह मरीज देख रहे थे। वहीं, दंत चिकित्साधिकारी कक्ष में भी कुर्सी खाली थी।

औषधि वितरण काउंटर पर फार्मासिस्ट डा. विनोद कुमार मौर्य और डा. सरोज कुमार मौजूद थे। अस्पताल के प्रथम तल जाने से पहले सीढि़यों के नीचे दवा की बोरियां रखीं नजर आईं। कुछ कुर्सियां भी टूटी हालत में मिलीं। वैक्सीनेशन काउंटर पर एक महिला स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थी। प्रथम तल पर अधीक्षक कक्ष में कुर्सियां खाली थीं। इसके आगे टीबी कक्ष में पंकज वर्मा मिले, हालांकि यहां कोई मरीज नजर नहीं आया।

संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष में दिलीप वर्मा बैठे थे। आइबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) कक्ष भी बंद मिला। सहायक शोध अधिकारी कक्ष में भी कोई नहीं आया था। यहां मरीज सद्दूपुर निवासी अब्दुल हमीद खड़े थे। उन्होंने बताया कि त्वचा रोग का परामर्श लेने आए थे। लेकिन, यहां अभी तक कोई आया नहीं है।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उमा वर्मा कक्ष संख्या-32 में बैठीं मिलीं। लेबर रूम में एक महिला प्रसव के बाद भर्ती मिली। लेबर रूम के बाहर कूड़ा पड़ा था। मुख्य भवन की दक्षिणी चहारदीवारी के किनारे कूड़ा लगा था। परिसर में तीन एंबुलेंस खराब हालत में खड़ी हैं। वहीं, दो चालू हालत में हैं। अस्पताल में सामान्य दवाएं मौजूद मिलीं। स्टाक में एंटी रैबीज वैक्सीन थी। विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से मरीजों को अन्यत्र रेफर किया जाता है। 100 से 150 के बीच ओपीडी में मरीज आते हैं। हर माह औसतन 175 प्रसव होते हैं।

सीएचसी अधीक्षक पहला डा. राजीव वर्मा ने बताया कि वह और डा. अजय नारायण फील्ड में थे। अन्य डाक्टर व कर्मचारी ओपीडी व संबंधित रूम में मौजूद नहीं थे, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। एक्सरे मशीन की मांग की गई है। हमने बताया है कि यहां टेक्नीशियन तैनात है। अगर कहीं कूड़ा लगा है, उसे साफ कराया जाएगा। कुछ समस्याएं हैं, उनके निस्तारण का प्रयास जारी है।

छह डाक्टरों समेत 48 कर्मचारी तैनात :

अधीक्षक डा. राजीव वर्मा, डा. अंकित वर्मा, डा. अजय नारायण, डा. आरबी सिंह, डा. अमित चौधरी, डा. आशीष बंसल की तैनाती है। सीएचसी में कोई महिला डाक्टर नहीं है। वहीं, 24 नियमित व 24 संविदा कर्मी तैनात हैं।

एक्सरे व अल्ट्रासाउंड नहीं होता :

सीएचसी में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की जांच सुविधा नहीं है, जबकि एक्सरे टेक्नीशियन कंचन की तैनाती है। मरीज बाहर से जांच कराते हैं। ज्यादातर मरीज जांच के लिए 12 किलोमीटर दूर महमूदाबाद जाते हैं।

पार्क में झाड़ी और कूड़े का ढेर :

अस्पताल परिसर में छोटा सा पार्क भी बना है, सफाई न होने से इसमें झाड़ियां उगी हैं, जबकि अंदर बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर रखा है।

होती हैं केवल ये जांचें :

एलटी अश्वनी कुमार ने बताया कि एचआइवी, एचबी, हेपेटाइटिस बी, सीबी, यूरिन, रेंडम ब्लड शुगर की जांच सुविधा सीएचसी में होती है।