जिला अस्पताल गेट से इमरजेंसी तक पहुंचने में रोगी-तीमारदार पसीना-पसीना

2301 वाह्य रोगी सोमवार को अस्पताल आए 55 लाख से अधिक आबादी है जिले में

JagranTue, 27 Jul 2021 12:31 AM (IST)
जिला अस्पताल गेट से इमरजेंसी तक पहुंचने में रोगी-तीमारदार पसीना-पसीना

सीतापुर : जिला अस्पताल में मुख्य द्वार से इमरजेंसी तक पहुंचने में रोगी-तीमारदारों को खूब पसीना बहाना पड़ा। तेज धूप, ऊपर से इधर-उधर खड़े वाहन रास्ते को बाधित किए थे। मेन गेट बंद था। पैदल वालों के लिए साइड गेट खुला था। यहां भीड़ थी। पीछे से आटो व ई-रिक्शा से आने वाले रोगी भी अस्पताल पहुंचने की जिद्दोजहद में थे। पर्चा-दवा काउंटर में भी तीन-तीन लंबी लाइनें लगी थीं। सीएमएस आवास के सामने वाले दवा काउंटर पर भी महिलाओं में दवा पाने की होड़ मची थी। यहां पर भी बाइकें बेतरतीब ढंग से खड़ी थीं। सीएमएस की भी बोलेरो खड़ी थी। चालक ने कहा, देखो इतनी बाइकें खड़ी हैं कि बोलेरो निकाल पाना मुश्किल है।

बिजली गुल, नई बिल्डिग के भूतल पर अंधेरा सेवाएं बंद

सुबह के 11.35 बजे थे। अस्पताल में सिटी पावर हाउस से संचालित बिजली गुल थी। इमरजेंसी रूम से डा. एमके प्रजापति व फार्मासिस्ट ओपी मिश्र गायब थे। ट्रेनी स्वास्थ्य कर्मी गर्मी व उमस में पसीना-पसीना थे। वहीं, न्यू ओटी (नई बिल्डिग) में भूतल पर सैंपल कलेक्शन रूम के पास महिला-पुरुष रोगियों का जमावड़ा था। सामने गैलरी का आधा चैनल खुला था। एक्स-रे के लिए पर्चा कटाने को लोगों में जल्दबाजी थी। बिजली नहीं होने से गैलरी में अंधेरा था। कई रोगी स्ट्रेचर पर गैलरी में भीड़ के बीच असुविधा का सामना करते मिले। अल्ट्रासाउंड सेवा बंद थी। इस रूम के अंदर से बाहर तक रोगियों की भीड़ थी। बिजली आने व सेवा शुरू होने के इंतजार में थे। पूछने पर कहा, अल्ट्रासाउंड के लिए उनका नंबर लगा है। इधर-उधर खड़े होंगे तो नंबर कट जाएगा।

पुरानी ओपीडी से गैर हाजिर मिले डाक्टर

दोपहर 11.47 बजे थे। अस्पताल के पीछे पानी टंकी पास पुरानी ओपीडी से बिजली गुल थी। यहां से डा. जेएन सिंह, डा. डी लाल, डा. अनुपम मिश्र गायब थे। हाल में इधर-उधर खड़े व कुछ बैठे रोगी-तीमारदार उमस में बेहाल थे। कहा, बिजली चली गई है गर्मी बहुत है। अंधेरा हो गया है इसलिए डाक्टर उठकर कहीं चले गए हैं। खैराबाद 12.05 बजे बिजली आ गई तो पुरानी ओपीडी में संबंधित रोगियों में इलेक्ट्रो कार्डियो ग्राफ (ईसीजी) जांच शुरू हो गई थी।

वर्जन

अस्पताल में सोमवार को रिकार्ड तोड़ वाह्य रोगी आए हैं। 1924 के दौर में जिला अस्पताल डिजाइन हुआ था उस समय जिले की आबादी काफी कम थी। आज जिले की आबादी 55 लाख के करीब है और अस्पताल का दायरा बढ़ा नहीं है। पुराने भवन का जीर्णोद्धार भी नहीं हुआ है। यही कई कारण हैं कि अस्पताल में भीड़ दिखती है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व अन्य सभी सेवाएं निर्बाध बिजली सप्लाई से जुड़ी हैं।

- डा. अनिल अग्रवाल, सीएमएस

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