कुर्सी खाली, डॉक्टर नदारद और भटकते मरीज

कुर्सी खाली, डॉक्टर नदारद और भटकते मरीज

घंटों इंतजार के बाद भीं पैथोलाजी में नहीं होंती जांचें

JagranFri, 05 Mar 2021 12:13 AM (IST)

सीतापुर: कुर्सी पर डॉक्टर न समुचित उपचार। मरीज आते तो इलाज की आस लेकर हैं लेकिन, उन्हें कुर्सी देखकर डॉक्टरों के आने का इंतजार करना होता है। जी हां, जिला अस्पताल का हाल कुछ ऐसा ही है। यहां इलाज कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।

जिला चिकित्सालय परिसर में पांच वर्षीय अरहान को गोद में लिए उसकी दादी मौसिमा मिलीं। मौसिमा के हाथों में डॉक्टर के हाथ से लिखी दवा का पर्चा था। जिस पर दवा के नाम पर कुछ आड़ी तिरछी रेखाओं के साथ केजी मेडिकल कॉलेज लखनऊ लिखा था। मौसमी हाथों में कुछ दवा लिए हुईं थीं। उन्होंने बताया मेरे पोते का पैर टेढ़ा है। पैर को बिना देखे, बिना जांच के ही डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है। महिला दवा काउंटर के पास जमीन में भगवानपुर निवासी रामश्री बैठी मिलीं। रामश्री ने बताया उनके पैर में दिक्कत है। पिछले चार माह से दौड़ रही हैं लेकिन कोई लाभ नहीं है। दवा लेने के लिए बेटी लाइन में लगी है। उनसे जब पूछा गया कोई जांच एक्सरे आदि हुआ तो उन्होंने ऐसा न होना बताया।

एक घंटे से कर रहे डॉक्टर का इंतजार

दोपहर समय 12:35 बजे दंत रोग विभाग में डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। कमरे के बाहर बैठे मरीजों से बात करने पर बताया कि पिछले एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं।

उपचार के लिए डॉक्टर का इंतजार

'मेरे दांत में दर्द है। पिछले एक घंटे से मैं डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। डाक्टर आएं तो उनको दिखाऊं लेकिन वह कब आएंगी कुछ पता नहीं। कोई कुछ बताने वाला भी नहीं है। बहुत मरीज वापस जा चुके हैं।'

अयोध्या प्रसाद

नहीं हो रही जांच

'मुझे डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा है। पिछले दो घंटे से जांच कराने के लिए जांच कराने के लिए अस्पताल में भटक रहा हूं लेकिन जांच नहीं हुई है। लैब में जाने पर बताया जा रहा है नंबर आने पर जांच होगी'।

रहमत अली, तंबौर

नहीं बन रहा आयुष्मान कार्ड

'मुझे आयुष्मान कार्ड बनवाना है। करीब डेढ़ घंटे से मैं कंप्यूटर कक्ष में बैठा हूं। यहां अभी तक कोई कार्ड बनाने वाला ऑपरेटर नहीं आया है।'

जिकरान, खैराबाद 'मैं जब यहां आई तो मुझे यह बताया गया कि सर्वर डाउन है। सर्वर आने पर कार्ड बनने लगेगा। मुझसे बैठने को कहकर अब तक दो घंटे तक कोई नहीं आया है'।

किरन राठौर

बंद मिला जन औषधि केंद्र

जन औषधि केंद्र जो गरीब मरीजों को सस्ते दर पर आसानी से दवा मिल जाएं इसके लिए स्थापित किया गया था लेकिन वह भी बंद था।

वर्जन

'जन औषधि केंद्र चिकित्सालय के अंडर में नहीं है। उसका ठेका लखनऊ से होता है। आयुष्मान कार्ड बनाने का काम होता है। ऑपरेटर महिला अस्पताल में कार्ड बनाता है। शायद वहां गया होगा। अगर डॉक्टर रूम में नहीं है तो दिखवाऊंगा।'

डॉ. एके अग्रवाल, सीएमएस

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.