दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

कोविड नियमों का नहीं हो रहा पालन, लाकडाउन की उड़ रही धज्जियां

कोविड नियमों का नहीं हो रहा पालन, लाकडाउन की उड़ रही धज्जियां

बाजार में लोगों की लग रही भीड़ - न शारीरिक दूरी का पालन न मास्क का प्रयोग

JagranThu, 06 May 2021 12:57 AM (IST)

सीतापुर: कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। संक्रमण पर प्रभावशाली रोकथाम जब तक न लग जाए लोगों का घर के बाहर निकलना ठीक नहीं है। सरकार ने भी लाकडाउन सोमवार तक बढ़ा दिया है। सरकार की गाइड लाइन के बाद भी लोग कोविड नियमों व लाकडाउन का उल्लंघन करते हुए साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। बुधवार को सुबह से ही विभिन्न कार्यों से व बेपरवाह लोग सड़कों पर घूमते नजर आया। जबकि सरकार के साफ निर्देश घर में ही रहने के लिए ही हैं।

कोई खरीद रहा फल तो कोई सब्जी व दवाएं

बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ फल के ठेलों व सब्जी मंडी में हो रही है। लोग अपने घरों से यहां खरीदारी करने तो आते हैं, लेकिन कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां भी उड़ाते देखने को मिल जाते हैं। यहां कोई भी कोविड नियमों का पालन करते नहीं दिखा। शायद ही कोई मास्क ठीक से पहने हो। कोई गले में लटकाए था तो कोई जेब में रखे हुए। कैमरा चमकते ही लोग मास्क ठीक करते रहे। मेडिकल स्टोरों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ लग रही है।

अनदेखी पड़ सकती है भारी

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच घरों से बेवजह बाहर निकलना जोखिम से भरा है। फिर भी घर से बाजार निकलने वाला कोई कोविड नियमों का पालन करते नहीं देखने को मिल रहा है। जबकि सब जानते हैं कि एक की लापरवाही बहुतों को संक्रमित कर सकती है। जरूरत का सामान कर रहे स्टोर

लोग लाकडाउन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए जरूरी सामान स्टोर करने में जुटे हुए हैं। रिक्शा, साइकिल आदि पर आटा, दाल, चावल आदि लादकर ले जा रहे हैं। इसके पीछे एक और बडा कारण सहालग का भी होना है। लोगों का सोचना है बाजार बंद हो जाएगी तो सामान कहां खरीदेंगे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.