काम हुआ नहीं, निकाल ली धनराशि

ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर जमकर धांधली हो रही है। कार्य शुरू भी नहीं हुआ और धनराशि आहरित कर ली गई। प्रधानों की इस मनमानी पर सचिव आंख मूंद सहभागिता निभा रहे हैं। ताजा मामला डुमरियागंज ब्लाक के तुरकौलिया तिवारी का है जहां के प्रधान ने मनरेगा के तहत स्वीकृत तीन कार्यो को पूरा कराने जगह धनराशि निकाल ली।

JagranTue, 14 Sep 2021 12:36 AM (IST)
काम हुआ नहीं, निकाल ली धनराशि

सिद्धार्थनगर : ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर जमकर धांधली हो रही है। कार्य शुरू भी नहीं हुआ और धनराशि आहरित कर ली गई। प्रधानों की इस मनमानी पर सचिव आंख मूंद सहभागिता निभा रहे हैं। ताजा मामला डुमरियागंज ब्लाक के तुरकौलिया तिवारी का है, जहां के प्रधान ने मनरेगा के तहत स्वीकृत तीन कार्यो को पूरा कराने जगह धनराशि निकाल ली। जिसकी शिकायत भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष ने सीडीओ से की।

वित्तीय सत्र 2021-22 में ग्राम पंचायत तुरकौलिया के लिए मनरेगा से तीन कार्य स्वीकृत हुए। शिकायकर्ता शिवपूजन ने शिकायती पत्र में कहा है कि पांच सौ मीटर चकरोड निरहू के खेत से शरीमुल के घर तक बननी थी। इसी प्रकार कपिल के घर से गुल्लू के घर तक 690 मीटर चकरोड व श्मशान की भूमि पर पौधरोपण कार्य भी होना था। जिसकी पहली किस्त क्रमश: 47000, 54000, 27000 रुपए का बिना काम कराए तीन अगस्त को मनरेगा खाते से निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान और सचिव की मिली भगत से यह कार्य किया गया। मुख्य विकास अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में भाजपा नेता ने स्थलीय सत्यापन कराकर बिना कार्य निकाली गई धनराशि की रिकवरी के साथ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। बीडीओ सुशील कुमार अग्रहरि ने कहा कि जांच की जा रही है, आवश्यक कार्रवाई होगी। संकट के समय सिर्फ कांग्रेस ने दिया देश का साथ सिद्धार्थनगर : युवा कांग्रेस जिला इकाई ने सोमवार को शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जवाब दो पदयात्रा निकाली। तुलसियापुर चौराहा पर नुक्कड़ सभा की। लोगों को कांग्रेस की रीति व नीति बताई। केंद्र व प्रदेश सरकार से सवाल कर उनसे जवाब मांगा। जिलाध्यक्ष डा. अरविद शुक्ला ने कहा कोरोना महामारी हो या फिर किसानों के हित की बात कांग्रेस ही हर मौके पर देश के साथ खड़ी रही। इतिहास इसका गवाह है। मजदूरों के हित को लेकर कांग्रेस ने लड़ाई लड़ी है। युवाओं के बेरोजगारी के दर्द को महसूस किया है। कांग्रेस व प्रियंका गांधी हाथरस, रायबरेली और उन्नाव की पीड़ितों की लड़ाई लड़ रही थीं। तब जातिगत राजनीति करने वाले क्षेत्रीय दल भाजपा की तानाशाही सरकार के डर से दुबक कर बैठ गए। कांग्रेस ने बनारस में धर्मचार्यों की परेशानी को लेकर सरकार के समक्ष डटकर खड़ी हुई। प्रदेश सरकार ने डा. कफील को फर्जी मुकदमें में फंसाया, तब कांग्रेस ने ही आगे बढ़कर न्यायिक मदद दिलाने का काम किया था। कांग्रेस शासनकाल में जनहित की नीतियों और लोकतंत्र की रक्षा की गई। ब्लाक अध्यक्ष बढ़नी भानुदत्त शुक्ला, इकबाल अहमद, वाहिद खान, दुर्गेश त्रिपाठी, श्यामलाल शर्मा, योगेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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