चेता विभाग, मजबूत होगा नरकटहा बांध

इस बार राप्ती नदी का जल स्तर नया रिकार्ड बना लिया था। नदी के उत्तरी छोर से पूरब से पश्चिम गया नरकटहा सुरक्षात्मक बांध पर जो आजादी से पूर्व का है पर दबाव भी बहुत अधिक पड़ा। नगर के दस वार्ड में निवास करने वाली करीब 25 हजार आबादी सहित सौ से अधिक गांव को सुरक्षित रखने में इसकी भूमिका अहम है।

JagranTue, 14 Sep 2021 11:00 PM (IST)
चेता विभाग, मजबूत होगा नरकटहा बांध

सिद्धार्थनगर : इस बार राप्ती नदी का जल स्तर नया रिकार्ड बना लिया था। नदी के उत्तरी छोर से पूरब से पश्चिम गया नरकटहा सुरक्षात्मक बांध पर जो आजादी से पूर्व का है पर दबाव भी बहुत अधिक पड़ा। नगर के दस वार्ड में निवास करने वाली करीब 25 हजार आबादी सहित सौ से अधिक गांव को सुरक्षित रखने में इसकी भूमिका अहम है। बावजूद पांच वर्ष से विभाग ने इस बांध पर कोई काम नहीं किया।

हर बार रिकार्ड को तोड़ इस बार नदी का जल स्तर खतरे के निशान से डेढ़ मीटर से अधिक जब हुआ तो बांध पर नदी के भारी दबाव से पांच से छह जगहों पर रिसाव शुरु हो गया। रिसाव देख नगरवासी व सौ से अधिक गांव के ग्रामीण भयभीत हो गए। विभाग की भी सांस फूलने लगी। रिसाव तो कम हुआ पर बांध की सुरक्षा के लिए लोग रात दिन इसकी रखवाली करने लगे। इस बार की बाढ़ से चेता विभाग अब इसे और मजबूत करने की योजना बना रहा है। जबकि 11 सौ मीटर इस बांध पर एक दशक पूर्व 11 करोड़ की लागत से नदी का रुख मोड़ने के लिए छह जगहों पर डैंपलर व और साढे़ छह मीटर तक बांध के स्लोप पर बोल्डर पिचिग का कार्य हुआ था। बांध अभी भी साढे चार सौ मीटर बोल्डर पिचिग से अछूता है। यही कारण रहा कि इन जगहों से बांध में भारी रिसाव शुरु हो गया। इससे सहमा विभाग अब इसे मजबूत करने की जरूर महसूस करने लगा। बांध पर 90 लाख की लागत से मिट्टी कार्य के साथ इस पर पिच रोड बनाने की शासन से मंजूरी भी मिल गई। अब वह बोल्डर पिचिग से अछूते रह गए साढे चार सौ मीटर बांध का भी प्रोजेक्ट बनाएगा। इसी माह में जैसे ही नदी का जलस्तर कुछ और कम हुआ प्रोजक्ट निर्माण का कार्य शुरु कर देगा। विभाग के अनुमान के अनुसार इसमें आठ करोड़ से अधिक की धनराशि व्यय होगी। बांध पर आने वाले वर्ष में पड़ेगा और दबाव

आने वाले वर्ष में इस बांध पर राप्ती नदी का और भी दबाव पड़ेगा। इसका कारण डुमरियागंज- बांसी बांध पर डुमरियागंज तहसील में 13 किमी लंबा गैप है। उन गैपों को भरने की विभाग तैयारी करने लगा है। यदि यह गैप भर दिए गए तो नरकटहा सुरक्षात्मक बांध और भी दबाव पड़ने लगेगा। अभी तक गैपों के रास्ते बांध का पानी फैल जाता था। गैप भर जाने से इस पर नदी पूरा दबाव बनाने लगेगी।

स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि बांध पर पिच सड़क निर्माण के लिए मैंने शासन को लिखा था। ताकि बांध को मजबूती मिल सके। बाढ़ से पूर्व इसकी मंजूरी भी मिल गई। बाढ़ कम होने के बाद इस पर कार्य शुरु कराने के लिए मैं विभाग से कहूंगा।

सिंचाई निर्माण खंड सहायक अभियंता पंकज प्रभात ने कहा कि कहीं बांध बैठ गया तो कहीं पतला हो गया है। इस कारण पहले इसे ठीक किया जाएगा फिर इस पर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसी माह के अंत तक बोल्डर पिचिग के लिए बांध का सर्वे कर प्रोजक्ट भी तैयार कर लिया जाएगा। बांध के शेष बचे भाग पर बोल्डर पिचिग होने के बाद यह पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।

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