झरुआ ग्रामसभा में सांस की दिक्कत से दो दर्जन पीड़ित

झरुआ ग्रामसभा में सांस की दिक्कत से दो दर्जन पीड़ित

तहसील क्षेत्र के गांव झरुआ खमरिया भेलौजी में अधिकतर लोग बुखारखांसी सांस लेने की दिक्कतों से पीड़ित हैं। इस दिक्कत से अब तक छठ्ठीदीन जुम्मान दर्जी छिनमुन गुप्ता आदि की मौत हो चुकी हैं।

JagranSat, 08 May 2021 10:30 PM (IST)

सिद्धार्थनगर: तहसील क्षेत्र के गांव झरुआ, खमरिया, भेलौजी में अधिकतर लोग बुखार,खांसी, सांस लेने की दिक्कतों से पीड़ित हैं। इस दिक्कत से अब तक छठ्ठीदीन, जुम्मान दर्जी, छिनमुन गुप्ता आदि की मौत हो चुकी हैं।

गांव के लोग डर के कारण सरकारी अस्पताल नही जा रहे हैं। वह डरते हैं कि कही एंटीजन टेस्ट में कोरोना न निकल जाए। झरुआ निवासी योगेन्द्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर गांव में सांस लेने की दिक्कत से कई लोगों की मौत की सूचना दिया। स्वास्थ टीम गांव में जाकर लोगो के उपचार में लग गई हैं। वायरल , सर्दी जुकाम से दो दर्जन लोग पीड़ित है। स्वास्थ विभाग की टीम दवा किट का वितरण कर रही है। सीएचओ डा. आकाश राणा ने कहा कि लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रविवार को खमरिया के प्राथमिक विद्यालय मे कोविड का टीका लगाया जाएगा। मुम्बई से आए झरूआ निवासी छठठूदीन विश्वकर्मा की एंटीजन टेस्ट मे निगेटिव आने के बाद भी दो दिन बाद तेज बुखार के साथ सांस फूलने लगा। स्वजन जिला चिकित्सालय ले गये जहां आक्सीजन समय से न मिलने पर दम तोड़ दिया। आशा कार्यकर्ता बीना मिश्रा,मंजू देवी ने बताया कि गांव के लोग कोरोना टेस्ट कराने से बच रहे हैं। ग्राम प्रधान वीरेंद्र जयसवाल का कहना है कि स्वास्थ विभाग टीम घर-घर जाकर दवा वितरण कर रही है। जल्द ही कोविड का टीका गांव वालों को लगवाया जाएगा। उपजिलाधिकारी शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि गांव में स्वास्थ टीम गई हैं। लोगों की जांच कर दवाइयां दी जा रही हैं। घरों में रहकर करें पूजा व इबादत

सिद्धार्थनगर : वैश्विक बीमारी कोरोना का खौफ अब मंदिर व मस्जिदों तक पहुंच गया है। मंदिरों के खुलने और बंद होने का समय बदल गया है। साथ ही मंदिर व मस्जिद आने वालों को कोरोना से बचाव के उपायों की जानकारी भी दे रहे हैं। साथ ही माइक के माध्यम से लोगों को घरों पर ही रहकर भजन पूजन, व इबादत करने की सलाह दे रहे हैं जिससे कि कोरोना के चैन को तोड़ा जा सके।

बहादुरपुर शिवमंदिर के पुजारी मुन्ना गिरी कहते हैं कि धर्म स्थल प्राचीन काल से ही लोगों को जागरूक करने व सुख समृद्धि के लिए जाने जाते हैं। कोरोना के बारे में भी मंदिर से संदेश प्रसारित हो रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। कोरोना का प्रभाव जबसे देश में बढ़ा है। हम लगातार मंदिर परिसर में हवन कार्यक्रम आयोजित करवा रहे हैं। संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं, कि घर पर रहें और एहतियात बरते। मौलाना मुजीबुल्लाह कहते इस मर्ज से एहतियात ही बचने का वाहिद (एकमात्र रास्ता) है। आज पूरी दुनियां के लोग असहाय स्थित में है। इस्लाम मे सफाई (पाकीजगी) को ईमान का आधा (हिस्सा) कहा गया। हदीस भी कहता है कि एक मरीज आदमी को सेहतमंद आदमी के पास जाने से बचना चाहिए। हम कोरोना से बचाव के उपाय मस्जिदों से इसी लिए बता रहे हैं। जिससे लोग घर पर रहकर इबादत करें और सावधानी बरतें।

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