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धरनारत जिपं सदस्य फंसे, एएमए पर मुकदमा

सिद्धार्थनगर : जिला पंचायत परिसर में टेंडर अनियमितता को लेकर धरना दे रहे जिला पंचायत सदस्य बिना अनुमति के प्रदर्शन और नारेबाजी करने में फंस गए हैं। कोरोना संकट काल में रोक के बावजूद धरना को अपर मुख्य अधिकारी ने गलत ठहराया है। उन्होंने सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिख दिया है। इसकी भनक लगते ही सदस्यों से एएमए की बहस हुई, जिसमें एक अनुसूचित वर्ग के सदस्य ने अपशब्द और गाली देने का आरोप लगाते हुए एएमए के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करा दिया है। इससे जिला पंचायत कार्यालय का माहौल गर्म है। धरना चौथे दिन भी जारी रहा।

धरनारत सदस्यों ने मांगे पूरी न करने पर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने की बात कही है। समर्थन में पूर्व विधायक विजय पासवान और सपा नेता चिन्कू यादव भी पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य ज्ञानमती के पुत्र विनोद कुमार विद्यार्थी ने आरोप लगाया कि वह अपर मुख्य अधिकारी के पास अपने क्षेत्र के दिए विकास कार्य के प्रस्ताव के संबंध में वार्ता करने के लिए गए थे। कार्य के संबंध में पूछा ही था कि अधिकारी नाराज हो गए। अपशब्द बोलते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी हरिओम चंद्र ने कहा कि धारा 144 लागू है। कोरोना संक्रमण काल में सदस्यों को अपनी बात रखनी थी तो उन्हें एसडीएम से अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए कार्रवाई के लिए पत्र लिखा हूं। सभी काम नियम संगत किए गए है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते मामले को तूल दिया जा रहा है। धरना में निवर्तमान अध्यक्ष गरीब दास, पूर्व अध्यक्ष पूजा यादव, अब्दुल सलाम चौधरी, महेंद्र प्रताप सिंह, निरंकार सिंह, जाकिर हुसैन, परवेज आलम, ज्ञानमती, ध्यानमती, विजय लक्ष्मी पांडेय, गंगा मिश्रा, शैलेश, जुबेर अहमद, हकीकुर्रहमान, बद्रीनाथ गुप्ता, नफीस अहमद आदि मौजूद रहे।

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