मोबाइल एप बताएगा कहां हो रही कोविड-19 की जांच

मोबाइल एप बताएगा कहां हो रही कोविड-19 की जांच

है। इसके लिए सरकार एक मोबाइल एप लांच करने जा रही है। जिसके माध्यम से लोगों को आसानी से यह जानकारी हो जाएगी की उनके क्षेत्र में पांच किमी की दूरी में कहां पर कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिग की जा रही है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:46 PM (IST) Author: Jagran

सिद्धार्थनगर: प्रदेश में फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से अपना पांव न पसार सके लिए सरकार तमाम कार्य कर रही है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों की जांच पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए सरकार एक मोबाइल एप लांच करने जा रही है। जिसके माध्यम से लोगों को आसानी से यह जानकारी हो जाएगी की उनके क्षेत्र में पांच किमी की दूरी में कहां पर कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिग की जा रही है। ताकि कोई कहीं पर भी आसानी से अपनी जांच करा कर उसे फैलने से रोकने के साथ ही उसके चेन को तोड़ा जा सके।

मोबाइल एप लांच करने से पहले सभी सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य स्थानों पर सैंपलिग के लिए बने स्टैटिक्स बूथ की मैपिंग की जा रही है। शतप्रतिशत बूथ की मैपिग के बाद लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा जल्द ही मोबाइल एप को लांच किया जाएगा। जो लोगों को कोविड सैंपलिग की जानकारी देगा। स्टैटिक्स बूथ की मैपिग के लिए सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल में बूथ पर काम कर रहे चिकित्साधिकारी व अन्य जिम्मेदार अधिकारी के साथ एलटी का नाम लिया जा रहा है। गूगल मैपिग के दौरान अधिकारी द्वारा बूथ पर जांच करने वाले एलटी की फोटो खींचकर वेरीफाई किया जाएगा जिससे कि मोबाइल एप के माध्यम से यह भी जानकारी हो जाएगी किस व्यक्ति द्वारा सैंपलिग की जाएगी। कहीं पर भी आसानी से हो सकेगी जांच

अभी तक जांच के लिए जो व्यक्ति जिस क्षेत्र का है उसी क्षेत्र में जांच कराने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एप के लांच होने के बाद सफर कर रहे व्यक्ति भी आसानी से एप के माध्यम से स्थान देखकर वहां पर अपना कोरोना की जांच करा सकेंगे। मोबाइल एप व लिग के माध्यम से ही उनकी जांच रिपोर्ट भी उनके ही मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। इससे अब लोगों को जांच रिपोर्ट के लिए भी नहीं भटकना होगा। बाहर जाने वालों के लिए जरूरी हो गया है जांच

जिले के बाहर अथवा किसी दूसरे राज्य व महानगर को जाने वाले लोगों के लिए कोरोना की जांच जरूरी हो गई है। जिले की सीमा में प्रवेश करते ही जांच रिपोर्ट दिखाना होगा। जांच रिपोर्ट नहीं होने पर आरटीपीसीआर विधि से जांच की जाएगी तथा जांच रिपोर्ट आने के पश्चात ही जिले की सीमा में प्रवेश दिया जाएगा। जिसके चलते मुंबई, दिल्ली, गुजरात आदि व्यवसायिक महानगरों को जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरे राज्यों को जाने वलो लोग जांच कराने को अपनी नजदीकी सीएचसी, पीएचसी पहुंच रहे है।

जिला प्राविधिक अधिकारी डा. आरपी मौर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मोबाइल एप लांच किया जाएगा, जिसको लेकर तैयारी की जा रही है, सभी स्टैटिक्स बूथ की गूगल मैपिग की जा रही है। जिले में 15 स्टैटिक्स बूथ हैं जिन्हे दो दिनों में मैप्ड कर दिया जाएगा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.