दिल्ली रहकर गांव में कर रहे मनरेगा मजदूरी

मनरेगा योजना की शुरुआत गांव में निवास करने वाले बेरोजगार गरीबों के कल्याण के लिए की गई थी मगर इस योजना में मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है। जो व्यक्ति दिल्ली या मुंबई कमा रहा है उसके नाम से भी गांव में मनरेगा मजदूरी निकल जा रही है।

JagranSun, 12 Sep 2021 11:25 PM (IST)
दिल्ली रहकर गांव में कर रहे मनरेगा मजदूरी

सिद्धार्थनगर : मनरेगा योजना की शुरुआत गांव में निवास करने वाले बेरोजगार गरीबों के कल्याण के लिए की गई थी, मगर इस योजना में मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है। जो व्यक्ति दिल्ली या मुंबई कमा रहा है, उसके नाम से भी गांव में मनरेगा मजदूरी निकल जा रही है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने आनलाइन किया है। ग्राम पंचायत चंपापुर गांव में जो व्यक्ति नहीं हैं उनके भी नाम जाबकार्ड बनाकर पैसा निकाल लिया गया है। राम मिलन, दयालु इस समय दिल्ली में हैं। मजहर, मंसूर आदि भी बाहर कमा रहे हैं। इन सबके नाम से भुगतान किया गया है। गांव की दिव्या पति हरि शंकर कार्ड संख्या यूपी 51004053001/915 के दो खातों से निकासी की गई है। रिब्बो पुत्री जौहर हुसैन ने बताया कि उसने डिमांड आइडी 408242 के तहत हजरत के घर से इकरार हुसैन के खेत तक बने इंटरलाकिग कार्य में सात दिन काम किया था। उसके खाते में आज तक मजदूरी नहीं आया। जबकि पूर्वांचल बैंक के किसी खाते में उनका भुगतान किया जा चुका है। बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है, पूर्वांचल बैंक में कोई खाता नहीं है। शुभावती, रोली मिश्र, अखिलेश मिश्र के पास 20-25 बीघा खेत, ट्रैक्टर-ट्राली, दो मोटरसाइकिल है। अखिलेश मिश्र दिव्यांग हैं। इनके अलावा राम कुमार, चन्द्रकांत, मधु, राम कृपाल, प्रेमलता, गोल्डी मिश्र आदि के नाम फर्जी जाबकार्ड बनाकर मनरेगा में भ्रष्टाचार किया गया है। जबकि यह लोग कभी खेत, कार्यस्थल का मुंह नहीं देखे होंगे। इन सभी को मनरेगा मजदूर बनाकर बिना काम किए धन की निकासी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत ब्लाक व आईजीआरएस पर की गई है। बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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