बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं किसान

सरकारी क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं होने से किसान कम दामों में बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं। किसान धान की खरीद में तेजी लाने की मांग शासन-प्रशासन से किया है।

JagranFri, 26 Nov 2021 11:06 PM (IST)
बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं किसान

सिद्धार्थनगर : सरकारी क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं होने से किसान कम दामों में बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं। किसान धान की खरीद में तेजी लाने की मांग शासन-प्रशासन से किया है।

प्रदेश में धान क्रय केंद्रों पर धान खरीदने के लिए शासन सख्ती दिखा रही है। इसके विपरीत बढ़नी ब्लाक में अभी तक सहकारी समितियों पर क्रय केंद्रों का निर्धारण नहीं हुआ।साधन सहकारी समिति परसा के सचिव रामउजागिर ने बताया कि इस बार समिति पर धान क्रय केंद्र नहीं बना है।

मनिकौरा के आशुतोष शुक्ल ने बताया कि धान खरीद की बात शासन स्तर पर कही जा रही है। जबकि धरातल पर स्थिति एकदम उलट है। हमारे क्षेत्र के परसा, ढेबरूआ साधन सहकारी समिति पर धान क्रय केंद्र नहीं बना है। अपनी उपज 1100 रुपये प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर होना पड़ा।

भुतहवा के मोहम्मद सफात कहते हैं कि बढ़नी के अलावा और कहीं भी धान की खरीद नहीं हो रही है। प्रशासन का दावा सिर्फ हवा-हवाई साबित हो रहा है।

खैरहनिया निवासी कमलेश शुक्ल ने बताया कि हमारा साधन सहकारी समिति ढेबरूआ है। यहां क्रय केंद्र ही नहीं बनाया गया है। ऐसे में हम अपना धान कहां ले जाए।

जलापुरवा निवासी रामानंद चौहान कहते हैं कि धान की फसल बेच कर उसी पैसे से हम किसान उर्वरक, बीज खरीदने के अलावा घर की अन्य जरूरतें पूरी करते हैं हमारे क्षेत्र में क्रय केंद्र नहीं बना है।

विपणन अधिकारी मायापति मिश्रा ने कहा कि बसहिया, बोहली सहित कुछ साधन सहकारी समिति में धान क्रय केंद्र बनाया गया है। बढ़नी में भी दो जगह धान की खरीद हो रहा है। क्रय केंद्र पर 2800 क्विंटल धान क्रय हो चुका है।

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