सर्वाधिक अपराधी वाले गांव गोपीजोत में पुलिस का छापा

गुरुवार की देर रात एएसपी सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में पुलिस ने आपरेशन क्रेक डाउन चलाया। जनपद के सर्वाधिक अपराधी वाले मोहाना थाना क्षेत्र के गोपीजोत में बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची। पुलिस इस गांव को सर्वाधिक अपराधी वाला मानती है। इस गांव में रहने वाले 18 हिस्ट्रीशीटर व सात सक्रिय अपराधी की श्रेणी में रखे गए हैं।

JagranFri, 30 Jul 2021 11:37 PM (IST)
सर्वाधिक अपराधी वाले गांव गोपीजोत में पुलिस का छापा

सिद्धार्थनगर: गुरुवार की देर रात एएसपी सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में पुलिस ने आपरेशन क्रेक डाउन चलाया। जनपद के सर्वाधिक अपराधी वाले मोहाना थाना क्षेत्र के गोपीजोत में बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची। पुलिस इस गांव को सर्वाधिक अपराधी वाला मानती है। इस गांव में रहने वाले 18 हिस्ट्रीशीटर व सात सक्रिय अपराधी की श्रेणी में रखे गए हैं।

एएसपी रावत ने बताया कि गांव को चारों तरफ से घेरकर घरों की तलाशी ली गई। कुछ घरों में चाकू बरामद किया गया है। जिन घरों में चाकू मिला है, उसके घर को कोई व्यक्ति हिस्ट्रीशीटर नहीं है। इन घरों के कुछ लोगों का आपराधिक इतिहास है। यह लूट व चोरी की घटनाओं में शामिल पाए जा चुके हैं। इनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं हैं। कई संदिग्ध मोबाइल नंबर व अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व इसी थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव के इनामी अपराधी राजू इस्माइल की तलाश में छापेमारी की गई। कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। छापेमारी के दौरान सीओ सदर राणा महेंद्र प्रताप सिंह, एसओजी व स्वाट टीम, कयूआरटी व पुलिस व पीएसी के करीब 200 जवान शामिल रहे। बालिका को खोजने में दो घंटे परेशान रहे गोताखोर सिद्धार्थनगर : गोल्हौरा थानांतर्गत पेंदा नानकार स्थित पोखरे में एक बालिका के डूबने की खबर पर पुलिस के जवान व गोताखोर दो घंटे तक हलकान रहे। लड़की की काफी देर तक खोज की गई। पता नहीं चलने पर एनडीआरएफ को बुलाया गया। जब तक टीम मौके पर पहुंची लड़की खेत के रास्ते गांव में आते दिखी। इसके पश्चात उसकी खोज समाप्त हुई।

गांव में एक बालिका के पोखरे में डूबने की खबर तेजी से फैली।

13 वर्षीय की बालिका की चप्पल पोखरे के पास मिलने से लोग परेशान हो उठे। हर कोई पानी में डूबने की चर्चा कर रहा था। मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई। पोखरे में पानी अधिक होने के कारण गोताखोरों को बुलाया गया। पानी में लड़की की तलाश की जाने लगी। करीब दो घंटे तक जब कुछ पता नहीं चला तो फिर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। जैसे ही टीम पहुंची तभी पता चला कि जिस बालिका को खोजा जा रहा है, वह दूसरे गांव के खेत से पैदल आ रही है। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्वजन लड़की को लेकर घर चले गए। प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वजन की सूचना पर पुलिस गई थी। काफी मेहनत से पोखरे में खोजवाया गया। एनडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया था, बाद में पता चला कि बच्ची डूबी नहीं है।

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