कोरोना वार्ड में भर्ती होंगे ब्लैक फंगस के मरीज, तैयारियां पूरी

ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। तैयारियां शुरू हो गई है। चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिग करा दी गई है। इस रोग से ग्रसित मरीजों को जिला अस्पताल के एमसीएच विग में बने कोरोना वार्ड में भर्ती किया जाएगा।

JagranMon, 06 Dec 2021 10:19 PM (IST)
कोरोना वार्ड में भर्ती होंगे ब्लैक फंगस के मरीज, तैयारियां पूरी

सिद्धार्थनगर : ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। तैयारियां शुरू हो गई है। चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिग करा दी गई है। इस रोग से ग्रसित मरीजों को जिला अस्पताल के एमसीएच विग में बने कोरोना वार्ड में भर्ती किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कालेज बस्ती में रेफर किया जाएगा।मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. सलील श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में ब्लैंक फंगस के एक भी मरीज नहीं मिले हैं। लेकिन इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 100 चिकित्सकों को इस रोग का इलाज करने के संबंध में ट्रेनिग दी जा चुकी है। 150 नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। मरीज मिलने पर उसके प्राथमिक इलाज की व्यवस्था यहां है। स्थिति में सुधार नहीं होने की स्थिति में रेफर किया जाएगा। इसके इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवा व इंजेक्शन उपलब्ध है। सीएमओ को संबोधित ज्ञापन सीएचसी अधीक्षक को सौंपा सिद्धार्थनगर : एनएचएम कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन चौथे दिन सोमवार को भी जारी रहा। सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले धरने पर रहे और मुख्य चिकित्साधिकारी को संबोधित ज्ञापन सीएचसी अधीक्षक बेवां को सौंपा। कर्मचारियों के धरने के कारण कोविड टीकाकरण और आरआई कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत काम चल रहा है।बेवां सीएचसी में धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष एडमिन ने कहा कि कोविड संक्रमण के दौर से आज तक सभी कर्मी बिना छुट्टी के विभागीय कार्य पूरी निष्ठा से पूर्ण कर रहे हैं, लेकिन हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी नियमितीकरण और स्थायीकरण होना चाहिए। यहां नये पद भी सृजित नहीं हो रहे जिससे हमें अधिक मेहनत करनी पड़ती है। वेतन पालिसी में भी विसंगति है, जिसके चलते समान मानदेय नहीं मिलता। आउटसोर्सिंग नीति में बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आवाज नहीं सुनी जा रही है। कहा कि जबतक हमारे सात सूत्रीय मांगे पूरी नहीं होतीं, धरना जारी रहेगा। पूजा चौधरी, डाक्टर हरिकेश यादव, डाक्टर शफीक, नीरज, ममता, प्रिया पटेल, स्नेहलता, इरफान, महरो•ा आलम, प्रतिज्ञा सिंह, स्वाति, सुषमा स्वराज, संगीता तिवारी, आरबीएस के समस्त सीएचओ शामिल रहे।

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