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उसका बाजार में 360 लोगों ने कराया टीकाकरण

उसका बाजार में 360 लोगों ने कराया टीकाकरण

उसका बाजार ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य टीम ने 360 लोगों को टीका लगाया ।

JagranSat, 15 May 2021 11:17 PM (IST)

सिद्धार्थनगर : उसका बाजार ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य टीम ने शनिवार को टीकाकरण अभियान चलाया। 45 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया। क्षेत्र के पकड़ी, महुलानी, सजनी, मरवटिया माफी और सोहांस में कुल 360 लोगों का कोविड टीकाकरण हुआ।

210 लोगों ने कोविड टीकाकरण का पहला डोज लिया। इन्हें स्वास्थ्य टीम ने कोवैक्सीन लगाया गया। 150 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई। इन्हें कोविशील्ड का लगाया गया। अभियान में कुल पांच मेडिकल टीम लगी थी। अधीक्षक उसका बाजार सीएचसी डा. अविनाश चौधरी और बीडीओ संजय कुमार ने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि कोरोना से जंग जीतने के लिए सभी लोगों को टीकाकरण कराना है। स्वास्थ्य टीम लोगों को टीकाकरण व कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही है। हौसले के बलबूते कोरोना को किया पराजित

सिद्धार्थनगर : परिवार का साथ हो तो किसी भी तरह के संकट से पार होया जा सकता है। बड़ी से बड़ी मुश्किलें आसान हो सकती हैं। खुनियांव ब्लाक के नागचौरी गांव निवासी सहायक अध्यापक आशुतोष कुमार पाडेय भी इसी में से एक हैं। जिन्हें परिवार का सहारा मिला, जिसके बूते उन्होंने कोरोना संक्रमण को पराजित किया।

आशुतोष पाण्डेय ने पिछले दिनों कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट पाजिटिव आई। खुद को होम आइसोलेट कर लिए। परिवार में इकलौता होने के कारण डरे हुए थे, क्योंकि सावधानियां बरतनी जरूरी होती है। हिम्मत नहीं हारी और अपने आपको एकांत में रखा। परिवार के लोग सहारा बनें और प्रोटोकाल का पालन करते हुए हर रोज उनकी हिम्मत बंधाते रहे। काढ़ा, गर्म पानी व जरूरी दवाइयों का सेवन करते रहे। 15 दिनों तक आइसोलेशन में रहने के बाद जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। स्वस्थ हुए तो पूरा परिवार उनसे मिलने को बेताब हो गया। परिवार में बीच रहकर अब जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आशुतोष ने कहा कि कोरोना पाजिटिव हुए तो शुरूआत दौर में वह खुद घबरा गए थे। नाते-रिश्तेदार भी परेशान हो गए थे। परंतु पिता फार्मासिस्ट अमरेंद्र कुमार पांडेय, मां सुंदरी पांडेय, बहनों में अंकिता, खुशबू, रीना ने उनका हौसला बढ़ाया। समय से प्रोटोकाल का पालन करने में सहयोग दिया। दवा के साथ परिवार के सदस्यों के मिले उत्साह वर्धन का नतीजा है कि आज कोरोना की जंग जीत कर परिवार में पहले जैसे माहौल को पा लिए हैं। मन को पूरी शांति मिली।

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