वैक्सीन की कमी से गांवों में टीकाकरण हो रहा प्रभावित

गांवों में कोरोना से बचाव को टीका लगवाने के लिए जागरूकता आयी है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण नियमित टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। अगर पर्याप्त वैक्सीन मिलती रही तो जल्दी ही बड़ी आबादी को टीका लग जाएगा।

JagranFri, 09 Jul 2021 11:11 PM (IST)
वैक्सीन की कमी से गांवों में टीकाकरण हो रहा प्रभावित

शामली, जागरण टीम। गांवों में कोरोना से बचाव को टीका लगवाने के लिए जागरूकता आयी है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण नियमित टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। अगर पर्याप्त वैक्सीन मिलती रही तो जल्दी ही बड़ी आबादी को टीका लग जाएगा।

गत 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था। शुरुआत में स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन कर्मियों को टीका लगा था। जिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल के साथ ही सीएचसी पर बूथ बनाए जाते थे। इसके बाद पीएचसी, सब सेंटर और हेल्थ वेलनेस सेंटर पर भी टीकाकरण हुआ था। वैक्सीन कम मिलने के कारण बूथ कम कर दिए थे, लेकिन कुछ समय बाद गांव स्तर पर टीकाकरण शुरू हुआ था। कुल बूथ में से कुछ बूथ गांव के प्राथमिक विद्यालय व अन्य सार्वजनिक स्थल पर बनाए गए थे। हालांकि तब कम ही लोग वैक्सीन लगवा रहे थे।

गेहूं की कटाई, गन्ने का सीजन और पंचायत चुनाव बीतने के बाद टीकाकरण में तेजी आई थी। 21 जून से विशेष अभियान के तहत कांधला और थानाभवन ब्लाक के कलस्टर में चयनित गांवों में वैक्सीन लगाई गई थी। दो-दो कलस्टर के 20-20 गांवों में टीकाकरण हुआ था। इसके बाद छह, आठ और नौ जुलाई को भी कलस्टर के 17 से 18 गांव में टीके लगाए गए हैं। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग में तो लक्ष्य से काफी अधिक लोगों ने टीका लगवाया। 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में भी 70 से 94 फीसद तक टीकाकरण हुआ।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकुमार सागर ने बताया कि 45 वर्ष से अधिक आयु वाले काफी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पूर्व में टीकाकरण करा लिया था। इसलिए गांवों में चल रहे टीकाकरण में उक्त उम्र वर्ग में फीसद कम आ रहा है। लेकिन लोगों में पहले के मुकाबले काफी जागरूकता बढ़ी है। वैक्सीन की उपलब्धता के हिसाब से कलस्टर के गांवों में टीके लगाए जा रहे हैं। बता दें कि जिले की आबादी करीब 15 लाख की है। अभी तक दो लाख से अधिक को पहली और करीब 40 हजार लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है।

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