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टीकाकरण के लिए बढ़ गई लोगों की परेशानी

टीकाकरण के लिए बढ़ गई लोगों की परेशानी

कोरोनारोधी टीकाकरण की गति पहले ही कम है लेकिन व्यवस्थाओं में बदलाव से लोगों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है। निजी अस्पतालों में टीकाकरण बंद हो गया है क्योंकि वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग ने वापस ले ली है।

JagranSun, 09 May 2021 10:54 PM (IST)

शामली, जागरण टीम। कोरोनारोधी टीकाकरण की गति पहले ही कम है, लेकिन व्यवस्थाओं में बदलाव से लोगों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है। निजी अस्पतालों में टीकाकरण बंद हो गया है, क्योंकि वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग ने वापस ले ली है। साथ ही सरकारी केंद्रों की संख्या भी अब काफी कम है। वहीं, दूसरी डोज लगवाने वाले भी असमंजस में हैं और पहली डोज लगवाने वालों को भी काफी दूरी नापनी पड़ रही है।

अप्रैल में 45 वर्ष से अधिक आयु वालों का टीकाकरण शुरू हुआ था। 55 केंद्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई थी। आठ निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण शुरू हुआ था। सरकारी केंद्रों पर निश्शुल्क तो निजी अस्पताल में 250 रुपये प्रतिडोज दाम तय था। हालांकि निजी अस्पतालों में बहुत अधिक लोग नहीं जा रहे थे। लेकिन फिर भी टीकाकरण हो रहा था। निजी अस्पताल में दूसरी डोज लगवाने जा रहे लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। हालांकि वह सरकारी केंद्रों पर अब निश्शुल्क दूसरी डोज लगवा सकते हैं।

वहीं, वैक्सीन की कमी के कारण अब 29 सरकारी केंद्रों पर ही वैक्सीन लगाई जा रही है। जो केंद्र बंद हुए हैं, उन पर पहली डोज व दूसरी डोज के लिए लोग परेशान हैं। पूछताछ कर पता चल रहा है कि अन्य किसी केंद्र पर दूसरी डोज ले सकते हैं। कुल मिलाकर लोगों को परेशानी हो रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकुमार सागर का कहना है कि काफी सब सेंटर और हेल्थेवेलनेस सेंटरों पर भी केंद्र बनाए गए थे। कम ही लोग आ रहे थे।

वैक्सीन वायल खुलने के चार घंटे बाद खराब हो जाती है। ऐसे में डोज अधिक खराब हो रही थी, जिससे बचने के लिए केंद्र कम किए गए हैं। युवाओं का टीकाकरण शुरू होगा तो कुछ केंद्र बढ़ाए जाएंगे। लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर तो टीकाकरण हो ही रहा है। वहीं, निजी अस्पतालों से वैक्सीन वापस मंगाने का निर्णय शासन स्तर से हुआ है।

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