जिले में ही गेहूं बेचने को बढ़ रही दिलचस्पी

जिले में ही गेहूं बेचने को बढ़ रही दिलचस्पी

हरियाणा की करनाल मंडी गेहूं बेचने जा रहे किसानों को रोका जा रहा है। पंजीकरण तो अनिवार्य है ही लेकिन हरियाणा के किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है।

JagranMon, 19 Apr 2021 11:21 PM (IST)

जेएनएन, शामली। हरियाणा की करनाल मंडी गेहूं बेचने जा रहे किसानों को रोका जा रहा है। पंजीकरण तो अनिवार्य है ही, लेकिन हरियाणा के किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है। पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। कारण यही माना जा रहा है कि करनाल जाने में दिक्कत हो रही है।

जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद सत्र शुरू हुआ था और तब 227 किसानों ने ही पंजीकरण को आवेदन किया था। जिले के काफी किसान करनाल मंडी में गेहूं बेचने के लिए जाते हैं। क्योंकि वहां के आढ़तियों से बहुत पुराने संबंध हैं। किसानों को किसी कार्य के लिए धनराशि की जरूरत होती है तो आढ़ती एडवांस दे देते हैं। हालांकि पिछले साल लाकडाउन के दौरान हरियाणा जाने में दिक्कत रही थी और ऐसे में जिले में रिकार्ड गेहूं खरीद हुई थी। इससे पूर्व के वर्षाें में खरीद काफी कम थी। इस बार मंडी में गेहूं की आवक बढ़ने का हवाला देते हुए हरियाणा पुलिस बार्डर पर किसानों को रोक रही है। वहीं, जिले के केंद्रों पर बिक्री के लिए अब तक 2811 किसान पंजीकरण को आवेदन कर चुके हैं और 2668 किसानों का सत्यापन हो चुका है। पंजीकरण की बढ़ती गति का कारण यही माना जा रहा है कि किसानों को करनाल मंडी से मोहभंग हो रहा है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी निहारिका सिंह ने बताया कि किसान अपनी फसल को कहीं भी बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। जिले में 30 क्रय केंद्र खुले हैं। काफी किसानों ने पंजीकरण करा लिए हैं। क्रय केंद्रों के प्रभारी पिछले साल गेहूं बेचने वाले किसानों से संपर्क भी कर रहे हैं। शासन से इस बार कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। खरीद सत्र के अंतिम दिन तक क्रय केंद्र चालू रहेंगे।

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1532 मीट्रिक टन हो चुकी खरीद, भुगतान शुरू

जिले में गेहूं की अब तक 422 किसानों से 1532.55 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। रविवार को केंद्र बंद रहे और शनिवार को 332 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई थी। सोमवार को 461.85 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। जिला खाद्य विपणन अधिकारी निहारिका सिंह ने बताया कि अब तक हुई खरीद के अनुसार कुल देय भुगतान 3.02 करोड़ रुपये बैठता है और इसके सापेक्ष 289 किसानों को 2.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

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