जिले को 11 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन मिली

जिले को 11 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन मिली

जिले को रविवार की शाम 11 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन मिल गई है। अब तक की यह सबसे बड़ी खेप है। इससे पहले अधिकतम छह मीट्रिक टन आक्सीजन मिली थी। जिला संयुक्त अस्पताल में चल रहे कोविड चिकित्सालय को अन्य माध्यमों से भी आक्सीजन मिल रही है। लेकिन निजी कोविड अस्पतालों में आक्सीजन रिफिलिग प्लांट से ही जा रही है।

JagranSun, 09 May 2021 10:59 PM (IST)

शामली, जागरण टीम। जिले को रविवार की शाम 11 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन मिल गई है। अब तक की यह सबसे बड़ी खेप है। इससे पहले अधिकतम छह मीट्रिक टन आक्सीजन मिली थी। जिला संयुक्त अस्पताल में चल रहे कोविड चिकित्सालय को अन्य माध्यमों से भी आक्सीजन मिल रही है। लेकिन निजी कोविड अस्पतालों में आक्सीजन रिफिलिग प्लांट से ही जा रही है।

पिछले दिनों छह मीट्रिक टन आक्सीजन मिली थी। शुक्रवार शाम तक अस्पतालों को आपूर्ति करने के बाद प्लांट खाली हो गया था। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रबंधन के साथ ही स्वजनों की भी सांसें अटक गई थी। लेकिन शुक्रवार रात टैंकर शामली पहुंच गया था, जिसमें 3.8 मीट्रिक टन आक्सीजन थी। यह आक्सीजन रविवार तक के लिए ही पर्याप्त बताई जा रही थी। ऐसे में आक्सीजन का इंतजार हो रहा था।

कंडेला स्थित रिफिलिग प्लांट संचालक शिशिर जैन ने बताया कि डीएम जसजीत कौर के विशेष प्रयास से जिले में अब आक्सीजन की कमी नहीं हो रही है। वह देर रात तक आक्सीजन के संबंध में जानकारी ले रही हैं। मोदीनगर से 11 मीट्रिक टन आक्सीजन मिल गई है। अन्य उत्पादन प्लांट से भी व्यवस्था करने का प्रयास चल रहा है। जिला संयुक्त अस्पताल के साथ ही निजी अस्पताल ग्लोबल शांति केयर, गंगामृत व दिव्य पैरामेडिकल को आपूर्ति की जाती है। उक्त में ही कोविड मरीज भर्ती है। प्लांट में डीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। घर ले जाने के लिए आक्सीजन नहीं है। अन्य अस्पतालों को भी प्रशासन की अनुमति पर ही आक्सीजन दी जा रही है।

उधर, जिला संयुक्त अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सफल कुमार ने बताया कि बीएचईएल हरिद्वार से भी लगातार आक्सीजन मिल रही है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से भी आपूर्ति हो जाती है। ऐसे में आक्सीजन पर्याप्त है। ग्लोबल शांति केयर के संचालक कुशांक चौहान ने बताया कि फिलहाल आक्सीजन की कमी नहीं है।

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व्यवस्था में सुधार का दावा

कोविड चिकित्सालय में कुछ मरीजों के स्वजन कई-कई सिलेंडर ले लेते थे और कुछ को एक भी नहीं मिल पा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सफल कुमार का दावा है कि व्यवस्था में सुधार किया गया है। सभी को जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। उनके हस्ताक्षर वाली पर्ची से ही सिलेंडर दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

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