मई में तैयार हो जाएगी शामली महायोजना-2041

मई में तैयार हो जाएगी शामली महायोजना-2041

शामली जेएनएन। अगले दस साल में शामली बिल्कुल बदला और सुनियोजित विकास का माडल दिखाई देगा। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत तैयार हो रही शामली महायोजना-2041 इस साल मई में तैयार हो जाएगी। शामली के दो सौ वर्ग किमी क्षेत्र को महायोजना के दायरे में लाने की तैयारी है। दिल्ली की आलमंड कंपनी ने नेशनल रिमोर्ट सेंसिग सेंटर हैदराबाद से सैटेलाइट तस्वीर भी ले ली है।

JagranWed, 03 Mar 2021 11:23 PM (IST)

शामली, जेएनएन।

अगले दस साल में शामली बिल्कुल बदला और सुनियोजित विकास का माडल दिखाई देगा। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत तैयार हो रही शामली महायोजना-2041 इस साल मई में तैयार हो जाएगी। शामली के दो सौ वर्ग किमी क्षेत्र को महायोजना के दायरे में लाने की तैयारी है। दिल्ली की आलमंड कंपनी ने नेशनल रिमोर्ट सेंसिग सेंटर हैदराबाद से सैटेलाइट तस्वीर भी ले ली है। कंपनी ने इसके लिए नक्शा और डाटा एकत्र कर लिया है।

क्या है शामली महायोजना

सरकार शहरों का सुनियोजित विकास कराने के लिए मास्टर प्लान तैयार कराती है। इससे लिए शहर की आबादी और क्षेत्रफल के साथ किस क्षेत्र की भूमि किस उपयोग में आएगी, इसका चिह्निकरण किया जाता है। बाजार स्ट्रीट, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर एवं ग्रीन क्षेत्र चिह्नित करने के साथ इसे जारी किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर को बाहर करने और शहर के बाहरी क्षेत्रों में बड़ी योजनाओं का प्रावधान है।

महायोजना का किया जाएगा तथ्यात्मक परीक्षण

अधिकारियों का कहना है कि महायोजना आने के बाद इसका तथ्यात्मक अध्ययन किया जाएगा। जनता से आपत्ति और सुझाव भी मांगे जाएंगे। तथ्यों और सुझावों को शामिल कर संशोधित महायोजना आएगी। शामली महायोजना को बेहद खास माना जा रहा है। महायोजना लागू होने के बाद शामली शहर और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

लागू होने के बाद ये आएगा बदलाव

शामली महायोजना लागू होने के बाद संरक्षित इमारतों के दो सौ मीटर के आसपास निर्माण कार्य नहीं हो सकेंगे। मास्टर प्लान कई तरीके से अलग होगा। फारेस्ट रिजर्व के साथ् वाइल्डलाइफ सेंचुरी, पर्यावरण-वन और सरंक्षित क्षेत्रों का भी ध्यान रखा जाएगा। इन स्थानों को संरक्षित रखने के लिए महायोजना में अलग से चिह्नित किया जाएग। प्राकृतिक जल संसाधन जैसे तालाब, झील और पोखर पर विशेष ध्यान होगा। इसके साथ ही ड्रेनेज, सीवेज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लान, बिजली आपूर्ति, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था बेहद सुनियोजित ढंग से होगी।

ये गांव हो सकते हैं शहर का हिस्सा

शामली से सटे सिभालका, खेड़ीकरमू, लिलौन, मुंडेट, गोहरनी, कुड़ाना, बामनौली आदि शामली महायोजना का हिस्सा हो सकते हैं। महायोजना के तहत शामली के चारों ओर से गुजरने वाले हाईवे, बाईपास और अन्य विकास योजनाओं का ध्यान रखा जाएगा। महायोजना का लक्ष्य बेतरतीब ढंग से बसने वाली कालोनियों को रोकना। भू-माफिया पर रोक लगाना है।

इनका कहना है..

शामली महायोजना के इस वर्ष मई में तैयार होने की उम्मीद है। इसके लिए कार्य अंतिम चरण में है। महायोजना के बाद विकास सुनियोजित ढंग से हो पाएगा।

महेंद्र प्रसाद, सचिव मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण

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