कार्तिक माह की पूर्णिमा पर यमुना पर उमड़े श्रद्धालु

कार्तिक माह की पूर्णिमा पर यमुना पर उमड़े श्रद्धालु

कार्तिक माह की पूर्णिमा स्नान के अवसर पर यूपी व हरियाणा से यमुना नदी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 10:43 PM (IST) Author: Jagran

शामली, जेएनएन। कार्तिक माह की पूर्णिमा स्नान के अवसर पर यूपी व हरियाणा से यमुना नदी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने यमुना में आस्था की डुबकी लगाते हुए घर परिवार के लिए सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। वहीं, सुरक्षा के ²ष्टिगत पुलिस बल व स्थानीय गोताखोर तैनात रहे। इस दौरान महिलाओं व बच्चों ने यमुना घाट पर सजी दुकानों से खरीदारी भी की।

सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना नदी पर दोनों प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सूर्योदय से पूर्व ही यमुना नदी पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। वहां श्रद्धालुओं ने यमुना के दोनों किनारों पर विशेष पूजा-अर्चना की तथा यमुना नदी में स्नान किया। तत्पश्चात सूर्य को अ‌र्घ्य दिया। स्नान के चलते पुलिस बल तैनात रहा। प्राइवेट गोताखोर जावेद, बिल्लू, नौशाद व जाकिर भी यमुना नदी पर मुस्तैद रहे। पुलिस व गोताखोरों ने नाव में सवार होकर यमुना में घूमकर निगरानी की तथा श्रद्धालुओं से किनारे पर ही स्नान करने की अपील की। वहीं, सीओ जितेंद्र कुमार भी यमुना नदी पर पहुंचे, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर पुलिस व गोताखोरों की टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उधर, यमुना किनारे पर कुछ लोगों ने प्रसाद के अलावा बेचने के लिए सामान भी रखा था। स्नान करने के उपरांत महिलाओं व बच्चों द्वारा मन-पसंद सामानों की खरीदारी भी की गई। कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष श्रद्धालुओं की काफी कम भीड़ दिखाई दी। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने यमुना नदी किनारे स्थित प्राचीन चिता हरण महादेव मन्दिर, यमुना मैया मन्दिर, शनिदेव मन्दिर में विशेष पूजा अर्चना करते हुए घर की सुख-शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की।

गंगा-यमुना नहर संगम में जल न होने से निराश लौटे श्रद्धालु

संवाद सूत्र, जलालाबाद : कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर गंगा यमुना नहर संगम में जल नहीं होने से श्रद्धालु स्नान नहीं कर सके। राज्य सरकार की ओर से गंगा यमुना नहर संगम पर सुंदरीकरण कर हरिद्वार तर्ज पर बनाए जाने की योजना पर काम चल रहा है । पूर्णिमा पर्व पर संगम में स्नान न करने से श्रद्धालुओं में निराशा है। गांव गंदेवड़ा के निकट गंगा व यमुना नहर का संगम हो रहा है। दोनों के पवित्र जल के समाहित होने का अद्भुत ²श्य प्रयाग राज के अलावा केवल यहीं पर है। हरिद्वार की तर्ज पर स्नान घाट यात्रियों के ठहरने के लिए स्थान आदि के सुंदरीकरण के लिए राज्य सरकार ने संगम के सुंदरीकरण का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से धन भेजा जा चुका है। संगम से लेकर शामली जनपद मुख्यालय तक सड़क निर्माण कराया गया है। सरकार की मंशा है कि आने वाले समय में संगम धार्मिक तीर्थ स्थान के रूप में पूरी तरह से विकसित हो जाएगा। हरियाणा उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु संगम तक आसानी से पहुंच सके। इसके लिए पटरी मार्ग का निर्माण कराया गया है। इस बार कार्तिक पर्व पर संगम पर जल नहीं होने से श्रद्धालु निराश हो गए। सुबह में पहुंचे श्रद्धालु बिना स्नान किए संगम से वापस लौट गए। श्रद्धालु बुधराज, नारंग, बृजभूषण उपाध्याय, शकुंतला आहूजा, बबली कश्यप आदि ने बताया कि इस बार संगम में जल नहीं होने से उन्हें काफी निराशा हुई।

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