कई किमी लंबे जाम से बिलबिला गए लोग

कई किमी लंबे जाम से बिलबिला गए लोग

शामली जेएनएन मेरठ-करनाल हाईवे स्थित झिझाना के गाड़ीवाला चौक पर किसानों के करीब पांच घंटे चक्का जाम से हरियाणा पंजाब और चंडीगढ़ के यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जाम के दौरान कई किमी लंबा जाम लग गया। हालांकि भाकियू पदाधिकारी जाम के दौरान के किसी को परेशानी नहीं होने के दावे करते रहे। जाम में फंसे लोगों की परेशानी देखी नहीं जा रही थी।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 10:59 PM (IST) Author: Jagran

शामली, जेएनएन :मेरठ-करनाल हाईवे स्थित झिझाना के गाड़ीवाला चौक पर किसानों के करीब पांच घंटे चक्का जाम से हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जाम के दौरान कई किमी लंबा जाम लग गया। हालांकि भाकियू पदाधिकारी जाम के दौरान के किसी को परेशानी नहीं होने के दावे करते रहे। जाम में फंसे लोगों की परेशानी देखी नहीं जा रही थी। जाम में फंसे वाहनों से उतरकर लोग धरनास्थल तक आ गए। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और किसानों को पीड़ा बताने लगे। पुलिस अधिकारी यात्रियों को बार-बार दिलासा देते रहे। पंजाब के बठिडा जाने वाले प्रेमपाल ने बताया कि कई घंटे से जाम में फंसे हैं। साथ में छोटे बच्चे हैं। सुबह से खाना मिला न पानी। करनाल जाने वाली महिला दीप्ति ने बताया कि उनके ससुर बहुत बीमार हैं। उनका जल्द से जल्द करनाल पहुंचना बहुत जरूरी है। प्रयागराज से आए संतोष कुमार ने बताया कि पिछले दो दिन से सफर में हूं। हरियाणा के कैथल जाना है। साथ में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। प्यास लगी तो ट्यूबवेल से पिया पानी

कई किमी लंबे जाम में फंसे रहे लोगों ने जंगल में स्थित ट्यूबवेल से पानी पीया। कुछ लोग वाहनों से नीचे उतरकर खाना खाते भी दिखे। लोगों के स्वजन फोटो बार-बार कुशलक्षेम पूछते रहे।

किसानों ने निकाली एंबुलेंस और बरात की बस

भारतीय किसान यूनियन के चक्का जाम के दौरान करनाल से शव लेकर आई एंबुलेंस को देखकर धरनारत किसान उठ खड़े हुए और रास्ता दिया। कुछ देर बाद आई बरात की बस भी जाम में फंसी तो बरातियों ने भाकियू पदाधिकारियों से निवेदन किया। इसके बाद उन्होंने बस को भी निकाल दिया। जाम खुला तो पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

चक्का जाम खुलने के बाद यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जाम खुलते ही वाहन बेतरतीब इधर-उधर गुजरने लगे। पुलिस ने धीरे-धीरे कर वाहनों को निकलवाया। गाड़ीवाला चौक पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान बाइक और अन्य दुपहिया वाहन चालकों के कारण पुलिस को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ी।

गुरुवार रात पुलिस बनाती रही रणनीति

शुक्रवार को भाकियू के घोषित चक्का जाम के कारण पुलिस के आला अधिकारी पूरी रात रणनीति बनाने में मशगूल रहे। रूट डायवर्जन और बैरिकेडिग को लेकर पुलिस अधिकारियों में मंत्रणा चलती रही। एंबुलेंस और बरात की बसों के लिए भी व्यवस्था कर रखी थी। सहारनपुर, मेरठ और लखनऊ के आला अधिकारी मामले की जानकारी लेते रहे।

धरनास्थल पर दिखा सांप्रदायिक सौहार्द

धरनास्थल पर सांप्रदायिक सौहार्द दिखाई दिया। यहां जयकारा वीर बजरंगी, हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठे। नारा-ए-तदबीर, अल्लाह-हू-अकबर भी सुनाई दिया। जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल भी गुंजायमान हो उठा। किसानों को केले और संतरे भी बांटे गए। पानी के कैंपर भी काफी संख्या में लाए गए थे। एसडीएम ऊन मणि अरोड़ा और सीओ कैराना जितेंद्र कुमार डटे रहे। एसपी नित्यानंद राय से वार्ता के बाद किसानों ने कहा कि वह संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार ही चलेंगे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.