विद्युत कर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ बुलंद की आवाज

खेड़ीकरमू बिजलीघर पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विद्युत कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए ऊर्जा निगम प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। कहा कि दो दर्जन अधिशासी अभियंता सहायक व अवर अभियंताओं का उत्पीड़न करने की दृष्टि से बिना किसी नीति के ही पूर्वाचल में तबादला कर दिया गया है। कर्मियों ने कार्य बहिष्कार रखते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान न हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

JagranWed, 22 Sep 2021 11:00 PM (IST)
विद्युत कर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ बुलंद की आवाज

शामली, जागरण टीम। खेड़ीकरमू बिजलीघर पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विद्युत कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए ऊर्जा निगम प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। कहा कि दो दर्जन अधिशासी अभियंता, सहायक व अवर अभियंताओं का उत्पीड़न करने की दृष्टि से बिना किसी नीति के ही पूर्वाचल में तबादला कर दिया गया है। कर्मियों ने कार्य बहिष्कार रखते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान न हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

बुधवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही कार्य बहिष्कार करते हुए खेडीकरमू बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के सभी अभियंता व कर्मचारी दिन रात कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन उच्च प्रबंधन अपने अभियंताओं व कर्मचारियों का लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। प्रबंधन अभियंताओं व कर्मचारियों को छोटे-छोटे आरोपों पर प्रशासनिक आधार पर दूर दराज के इलाकों में उनका स्थानांतरण कर रहा है।

ग्रेटर नोएडा व जेवर खंडों के प्रकरण में भी किसी भी अभियंता का पक्ष सुने बिना ही विभागीय जांच कर प्रशासनिक आधार पर सुदूर पूर्वाचल डिस्काम वाराणसी स्थानांतरण कर दिया जाना किस पारदर्शी जांच प्रक्रिया नियमावली के तहत आता है। कहा कि उच्च पद पर प्रोन्नत योग्य कर्मियों के अनुशासनिक कार्रवाई के कारण प्रबंधन द्वारा जान बूझकर उत्पीड़न के उद्देश्य से वर्षो तक निस्तारित नहीं किए जा रहे हैं। इस कारण योग्य कार्मिक प्रोन्नति से वंचित रह जाते हैं।

अभियंताओं को तेज वर्षा व आंधी के बावजूद एक घंटे से अधिक विद्युत बाधित रहने पर आरोप लगाकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं, उच्च स्तर पर बैठा प्रबंधन वर्षों तक अभियंताओं के खिलाफ जारी आरोपपत्र का निस्तारण न कर जबरन प्रोन्नति व सेवानिवृत्ति देयों से वंचित कर रहा है। इस अवसर पर रविद्र प्रकाश, अरूण कुमार, ब्रजमोहन, रवि कुमार, अर्जुन सिंह, ललित कुमार, सत्यवेंद्र सिंह, अजवेंद्र, सिंह, जोगेंद्र सैनी, विनय कुमार, विशाल, कुलदीप शर्मा, शिवकुमार, सुमित, कैलाश चंद, सतीश कुमार, लोकेश आदि भी मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.