कोरोना फिर लीलने लगा उद्योग, लाखों के आर्डर कैंसल

कोरोना फिर लीलने लगा उद्योग, लाखों के आर्डर कैंसल

प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से फिर से लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है। कोरोना संक्रमण ने एक ओर जहां आमजन को प्रभावित किया है वहीं उद्योगों पर फिर से कोविड की मार पड़ने लगी है। हालात यह है कि जिले में उद्योगों पर आए माल के आर्डर निरस्त हो रहे हैं। जिले में लाखों रुपये के आए आर्डर निरस्त हो चुके है।

JagranMon, 19 Apr 2021 11:26 PM (IST)

जेएनएन, शामली। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से फिर से लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है। कोरोना संक्रमण ने एक ओर जहां आमजन को प्रभावित किया है, वहीं उद्योगों पर फिर से कोविड की मार पड़ने लगी है। हालात यह है कि जिले में उद्योगों पर आए माल के आर्डर निरस्त हो रहे हैं। जिले में लाखों रुपये के आए आर्डर निरस्त हो चुके है।

धीरे धीरे उद्योग पटरी पर आने लगे थे और अर्थव्यवस्था में सुधार शुरू हुआ था, लेकिन फिर से कोरोना संक्रमण के कारण हालात बद से बदतर होने लगे हैं। उद्योगों को बड़ा झटका लगा है। कोरोना की दूसरी लहर का डर इस कदर बढ़ गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों के आर्डर कैंसल हो रहे हैं। जिले में गिलास, आइस्क्रीम, बर्तन समेत विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बड़ा झटका लगा है। जिले में आर्डर आए लाखों रुपये काम निरस्त हो गया है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड में माल जाना था, जो कोरोना के कारण बाजार प्रभावित होने से नहीं हो सका है। आइआइए के महासचिव अनुज गर्ग का कहना है कि दिल्ली में लाकडाउन होने के कारण लाखों रुपये के आर्डर कैंसल करने पड़े है। कोरोना की दूसरी लहर ने व्यापार को फिर से चौपट करना शुरू कर दिया है।

----

दिल्ली के लाकडाउन से सहमे कारोबारी

दिल्ली में एक सप्ताह का लाकडाउन लगने से शामली के कारोबारी सहम गए हैं। उनका कहना है कि यहां के उद्योगों का आधार दिल्ली ही है। वहीं से कच्चा माल आता है और वहीं तैयार माल जाता है। दिल्ली बंद हो जागी तो जिले के उद्योग खुद ही बंद हो जाएंगे।

दिल्ली में लाकडाउन होने से आर्डर होल्ड किए जा रहे हैं। कोई भी कारोबारी पुराने आर्डर का सामान भी मंगाने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। ऐसे में शामली के उद्योग

बेहद संकट में है।

अंकित गोयल, अध्यक्ष साइमा दिल्ली बंद हो गई तो शामली का बंद होना तय है। श्रमिकों की समस्या हो जाएगी। उत्पादन प्रभावित होगा और इस सबका असर कारोबार पर पड़ेगा।

अशोक बंसल, पेपर उद्यमी

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.