धूलभरी आंधी ने जन-जीवन किया अस्त व्यस्त

शामली: जेएनएन:मौसम में ठंडक बढ़ने का आगाज हो चुका है। दिन में हल्की गर्मी व रात्रि में ठंड का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसके साथ ही शुक्रवार को देर रात में आसमान में बादल छाने व तेज हवाएं चलने से ठंडक बढ़ गई। हल्की बूंदाबांदी व तेज धूल भरी आंधी से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। धूल भरी आंधी शुरू होते ही सड़कों पर अंधेरा छा गया। इस दौरान धूल व आंधी के साथ आने वाली अन्य सामान से बचने को लेकर दुकानों के अंदर घुसकर बचने का प्रयास करते रहे। आधा घंटे तक चली आंधी के बाद लोगों को राहत मिली है।

शुक्रवार को दिन में मौसम साफ रहा। दिनभर धूप खिली रही, जिसके चलते गर्मी भी रही, लेकिन सायं होते-होते मौसम में ठंडक बढ़ गयी। देर रात में एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब सवा आठ बजे धूलभरी आंधी चलनी शुरू हो गई। चारों ओर धुंध व काला अंधेरा छा गया। सड़क पर धूल उड़ने से वाहन सवारों व राहगीरों को आवागमन में कठिनाई हुई। घरों और दुकानों में धूल भर गई। सड़क किनारे ठेली-खोमचे वालों का सामान खराब हो गया। धूल भरी हवा चलने से श्वास रोगियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। कुछ जगहों पर होर्डिंग व टीन गिरने की खबरें भी है। वहीं किसानों की धान की फसल को नुकसान होने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। टीन गिरने की आवाज से लोग खौफजदां हो गए। वह बचने का इधर-उधर छुपने का स्थान देखते रहे। आधा घंटे तक धूल भरी आंधी से माहौल असामान्य हो गया। सड़कों पर सन्नाटा छा गया। गाड़ियों की लाइट में लोग दुकानों के लेंटर के नीचे खड़े होकर खुद को बचाते रहे। महिलाओं व बच्चों को इस दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छतों पर खड़े कई होर्डिंग भी फट गए। शाम के समय फास्ट फूड व अन्य सामान बेचने वालों का काफी नुकसान हुआ। धूल से खाद्य सामग्री खराब हो गयी। आंधी के कारण लोग भी अपने घर वापस चले गए। अनेक वाहन चालक आंधी के कारण दुर्घटना से बचने को सड़क के एक ओर खड़े हो गए। आधा घंटे बाद जब आंधी समाप्त हुई तो वह अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

तेज बारिश ने फिर मौसम हुआ सुहावना

आधा घंटे बाद धूल भरी आंधी समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सड़कों व बाजार में मौजूद लोग अपने घरों की ओर जाने लगे। इसी दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी। धूल के बाद बारिश ने लोगों को राहत दी। आंखों में धूल आने से वह बच गए। बारिश से मौसम में एकाएक ठंडक हो गयी। एक बार फिर अपने घर वापस लौट रहे लोगों को दुकानों व उनके बाहर खड़े होना पड़ा। लगभग एक घंटे बाद बारिश बंद हुई। बारिश बंद होने के बाद सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया।

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