शाहजहांपुर के किसानों की सब्जी जा रही राजधानी, फिर नहीं निकल रही लागत

कटरी के किसानों की मेहनत से देश प्रदेश की राजधानी समेत महानगरों में थाली का स्वाद बढ़ रहा है। जैविक उपज की वजह से सेहत के लिए भी यहां की सब्जी संजीवनी है

JagranWed, 22 Sep 2021 12:54 AM (IST)
शाहजहांपुर के किसानों की सब्जी जा रही राजधानी, फिर नहीं निकल रही लागत

जेएनएन, शाहजहांपुर : कटरी के किसानों की मेहनत से देश प्रदेश की राजधानी समेत महानगरों में थाली का स्वाद बढ़ रहा है। जैविक उपज की वजह से सेहत के लिए भी यहां की सब्जी संजीवनी है। इसलिए रोजाना यहां से ट्रकों से करेला, खीरा, तोरई, मिर्च आदि की आपूर्ति की जाती है। लेकिन इस बार बारिश की वजह से किसानों को अपेक्षित भाव नहीं मिल पा रहा। कलक्टरगंज में सजते हैैं सब्जियों के फड़

जलालाबाद के पास शाहजहांपुर रोड स्थित ग्राम कलक्टरगंज के पास सुबह सात बजे से सब्जियों के फड़ सजने शुरू हो जाते है। किसान यहां आढ़तियों के पास ताजा सब्जियां थोक में बिक्री करते है। यहां से दिल्ली, लखनऊ, गाजियाबाद, नोयडा, गुरुग्राम सरीखे महानगरों को हरी ताजी सब्जी की आपूर्ति की जाती है। बारिश से आधी कीमत में बिक रही सब्जी

गंगा, रामगंगा, बहगुल की गोद में बसी जलालाबाद व कलान तहसील के किसान सब्जियों के बल पर खुशहाल हैै। लेकिन इस बार बारिश की वजह से उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। इन दिनों खीरा चार रुपये और करेला पांच रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। इस कारण किसानों को लागत लौटना भी मुश्किल है।

एक किसान ने बताया कि एक एकड़ में करेला, खीरा लगाया था। अभी तक बाहर के लिए सब्जी की आपूर्ति होने पर घर बैठे अच्छा भाव मिल जाता था। इस बार लागत निकालना मुश्किल है।

मंडी पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। काश्तकार जहां चाहे माल बेच सकता है। इस बार सब्जी की आवक अच्छी और भाव कम है। जबकि बाहर की सब्जी मंडी में भाव अच्छा है। जिसका किसान फायदा उठा सकते है।

जगदीश प्रसाद वर्मा, मंडी समिति सचिव

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