शाहजहांपुर में पशुओं को गोशाला में जाने से रोका, डीसीएम पर किया पथराव

ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने प्राथमिक विद्यालय पिगरी में बंद बेसहारा पशुओं को गोशाला भिजवाया। लेकिन गोशाला में पशुओं को जाने से कुछ लोगों ने रोक दिया। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने डीसीएम पर पथराव शुरू कर दिया

JagranSat, 04 Dec 2021 01:05 AM (IST)
शाहजहांपुर में पशुओं को गोशाला में जाने से रोका, डीसीएम पर किया पथराव

जेएनएन, शाहजहांपुर : ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने प्राथमिक विद्यालय पिगरी में बंद बेसहारा पशुओं को गोशाला भिजवाया। लेकिन गोशाला में पशुओं को जाने से कुछ लोगों ने रोक दिया। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने डीसीएम पर पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में फिर पशुओं को विद्यालय में बंद कर दिया गया। जिससे शिक्षण कार्य दो दिन से ठप है।

विकासखंड ददरौल के पिगरी गांव के ग्रामीण बेसहारा पशुओं से परेशान हैं। गुरुवार को ग्रामीण पड़ोस के गांव धन्यौरा में बनी गोशाला में पशु लेकर गए थे लेकिन वहां क्षमता पूरी होने की बात कहकर पशुओं को लेने से इन्कार कर दिया था। नाराज ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय पिगरी के छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर वहां पशुओं को बंद कर दिया। इसके बाद विद्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। शुक्रवार को बीडीओ राघवेंद्र सिंह ग्रामीणों को समझाने पहुंचे लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान के बाद ही धरना खत्म करने की जिद पर अड़े हैं। जिसके बाद डीसीएम से प्राथमिक विद्यालय में बंद पशुओं को धन्यौरा गांव की गोशाला के लिए भिजवाया। लेकिन वहां के ग्रामीणों ने पशुओं को गोशाला में जाने से रोक दिया। डीसीएम चालक ने जब जबरन ले जाने का प्रयास किया तो कुछ ग्रामीणों ने डीसीएम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिसके बाद पशुओं को वापस प्राथमिक विद्यालय पिगरी में बंद करा दिया गया। दोपहर बाद जूनियर से भी बच्चों को किया वापस

बेसहारा पशुओं के लिए प्रशासन ने जब कोई इंतजाम नहीं किए तो ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर को जूनियर हाईस्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी विद्यालय से बाहर निकलवा दिया। वहां के प्रधानाचार्य दीप जोशी ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने जूनियर में भी 20 से अधिक पशुओं को बंद कर दिया। अधिकारियों ने नहीं ली सुध

दो दिन से पिगरी गांव के विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित चल रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर जाना उचित नहीं समझा। ऐसे में शिक्षक कुछ देर इंतजार करने के बाद वापस चले गए। प्रशासनिक अधिकारी भी बैठे रहे शांत

बीडीओ को गांव में भेजकर अन्य अधिकारी शांत बैठ गए। जिस वजह से ग्रामीणों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका। जिस वजह से ग्रामीणों का विरोध खत्म नहीं हुआ। ग्रामीणों की वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। बीईओ को कार्रवाई कराने के लिए निर्देश दे दिए गए है। शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

सुरेंद्र सिंह, बीएसए विवाद की सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा गया था। जो तहरीर मिलेगी उसी आधार पर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।

अरविद कुमार, सीओ तिलहर

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