शाहजहांपुर में हुलासनगरा आरओबी में पांच माह का समय

लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मुख्य चौराहे पर लगने वाले जल्द ही जाम से निजात मिल जाएगी। निर्माणदायी संस्था का दावा है कि दिसंबर में इस पर आवागमन शुरू हो जाएगा। जबकि हुलासनगरा पर इस समस्या से निजात मिलने में अभी पांच माह का समय और लगने की संभावना है

JagranTue, 26 Oct 2021 01:05 AM (IST)
शाहजहांपुर में हुलासनगरा आरओबी में पांच माह का समय

जेएनएन, शाहजहांपुर : लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मुख्य चौराहे पर लगने वाले जल्द ही जाम से निजात मिल जाएगी। निर्माणदायी संस्था का दावा है कि दिसंबर में इस पर आवागमन शुरू हो जाएगा। जबकि हुलासनगरा पर इस समस्या से निजात मिलने में अभी पांच माह का समय और लगने की संभावना है। यहां एप्रोच रोड के निर्माण में तेजी आ गई है। लगभग 11 वर्ष से राष्ट्रीय राजमार्ग की सीतापुर से बरेली के बीच 158 किमी. सड़क को बनाने का काम हो रहा है। इसमें कटरा मुख्य चौराहे व हुलासनगरा रेलवे क्रासिग गेट पर ओवरब्रिज न बन पाने के कारण सबसे ज्यादा जाम लगता है। शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो जब यहां वाहन चालक घंटों परेशान न होते हों। दीपावली के बाद शुरू हो जाएगी एक साइड

अगर मुख्य चौराहे के पुल की बात करें तो इसका निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इसकी एक साइड पूरी की जा चुकी है। दूसरी साइड में कुछ काम रह गया है जो दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा कर दिया जाएगा। निर्माणदायी कंपनी आरसीएल के सिविल इंजीनियर विजय कुमार सिंह ने बताया कि दीपावली के बाद ओवरब्रिज की एक साइड शुरू कर देंगे। त्योहार पर मजदूर अवकाश पर जाएंगे। इसलिए दूसरी साइड का शेष कार्य पूरा करने में एक माह लगेगा। उन्होंने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में इस पुल को यातायात के लिए शुरू कर दिया जाएगा। 85 फीसद काम पूरा, अब आएगी तेजी

हुलासनगरा रेलवे क्रासिग गेट पर ओवरब्रिज बना रही पीआरएल कंपनी के डिप्टी मैनेजर पुष्पेंद्र पाराशर ने बताया कि ओवरब्रिज का 85 फीसद काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि गर्डर रखने सहित 15 फीसद काम शेष रह गया है। ओवरब्रिज के पिलर तैयार हो चुके हैं। दोनों ओर एप्रोच रोड की प्लेटें लगाने का काम भी लगभग समाप्त हो गया है। बारिश के कारण एप्रोच रोड पर मिट्टी का काम रुक गया था। काफी मिट्टी पानी में बह गई थी। इसलिए काम रोक दिया गया था। पाराशर ने बताया कि सर्विस रोड की सड़कों को बारिश से पहले बनाया जा चुका है। बारिश में जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है उसे फिर से बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओवरब्रिज के गर्डरों की ढुलाई का काम छत्तीसगढ़ के भिलाई कारखाने में चल रहा है। जिन्हें रेलवे के अधिकारियों की निगरानी में इन्हें रखवाने का काम होगा। इस काम को पूरा होने में पांच माह का समय लग सकता है।

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