शाहजहांपुर में बाढ़ से करीब 400 गांवों की फसले बर्बाद

भारी बारिश के बाद आयी बाढ़ से करीब 400 गांवों के अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई खेत में बर्बाद हो गई। 200 के करीब ऐसे गांव है जहां किसानों को खाने के लिए खेतों में दाना तक नहीं बचा है। प्रशासन ने मदद के लिए 124 टीमों को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने सप्ताह भीतर सर्वे रिपोर्ट के निर्देश दिए है

JagranTue, 26 Oct 2021 01:08 AM (IST)
शाहजहांपुर में बाढ़ से करीब 400 गांवों की फसले बर्बाद

जेएनएन, शाहजहांपुर : भारी बारिश के बाद आयी बाढ़ से करीब 400 गांवों के अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई खेत में बर्बाद हो गई। 200 के करीब ऐसे गांव है, जहां किसानों को खाने के लिए खेतों में दाना तक नहीं बचा है। प्रशासन ने मदद के लिए 124 टीमों को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने सप्ताह भीतर सर्वे रिपोर्ट के निर्देश दिए है।

जनपद के 200 गांवों के करीब 5.53 लाख किसान सवा चार लाख हेक्टेयर में खेती करते है। गर्रा, रामगंगा तथा गर्रा नदी तथा सहायक नदियों में आई बाढ़ की वजह से करीब 400 गांवों का 23 हजार हेक्टेयर से अधिक का फसल रकबा प्रभावित हुआ है। जबकि बारिश से पूरा जनपद ही प्रभावित रहा। प्रशासन ने दैवीय आपदा में हुए नुकसान के लिए न्याय पंचायतवार सर्वे के लिए कृषि तथा राजस्व विभाग की 124 टीमें गठित की है। इन क्षेत्रों में सौ फीसद तक हुआ नुकसान

जैतीपुर, तिलहर, निगोही, ददरौल, जलालाबाद, मिर्जापुर तथा कलान क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से खरीफ समेत सभी फसलें नष्ट हो गई। गन्ना की फसल भी हवा से गिरने के बाद पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। इंसेट

यह डूबी फसलें : धान, तिल, बाजरा, उर्द, सरसों, मूंगफली, फुलगोभी आदि। जलस्तर घटा, दिक्कतें बढ़ीं

रामगंगा के जलस्तर में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। जिसके चलते गढि़या रंगीन खादर क्षेत्र के कई गांव में भरा पानी कुछ कम हो गया। लेकिन ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। खेत के संपर्क मार्गों पर दो से 4 फीट तक पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उफनाई बहगुल नदी

रामगंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद बहगुल नदी उफान पर है। इससे क्षेत्रीय गांवों में कटान बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों के माथे पर चिता की लकीरें उभर रही हैं। विषैले जंतुओं का बढ़ा प्रकोप

बाढ़ प्रभावित इलाकों में विषैले जंतुओं का प्रकोप बढ़ गया है। सांप-बिच्छू सहित कई अन्य प्रकार के जहरीले जंतुओं को गांवों में प्रवेश करने के साथ ही आम लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई है। बाढ़ में आये विषैले जीव-जंतुओं से छोटे बच्चों को बचाना मुश्किल हो रहा है। केसी नगला गांव में बुखार का प्रकोप

जैतीपुर : बाढ़ से केसीनगला गांव में बुखार ने दस्तक दे दी है। कई लोग बीमार है। इसी तरह अन्य गांवों में बुखार फैल रहा है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.