संतकबीर नगर में सरयू नदी की बाढ़ से घिरे कई गांव

खतरे के निशान से महज पांच सेमी नीचे बह रही है नदी नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे बाढ़ पीड़ित

JagranSat, 24 Jul 2021 11:53 PM (IST)
संतकबीर नगर में सरयू नदी की बाढ़ से घिरे कई गांव

जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर: धनघटा तहसील के कुछ गांवों में सरयू नदी का पानी घुसने लगा है। मजबूर होकर लोग नाव के सहारे अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ जाने लगा हैं। गांवों से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नदी का जल स्तर खतरे के निशान से महज पांच सेमी नीचे है और बढ़त लगातार जारी है।

शुक्रवार की शाम सरयू का जलस्तर 79.20 मीटर रहा, यह शनिवार की सुबह 79.30 हो गया। खतरे का निशान 79.35 है। जलस्तर बढ़ने से सीयर खुर्द, गायघाट, ढोलबजा, गुणवतिया, कंचनपुर, भौवापार,पटौआ, खालेपुरवा, मदरा आदि गांव के किनारे बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन गांवों का रास्ता भी बंद हो चुका है। नदी और बांध के अंदर बसे गांव के निवासी नाव के सहारे बांध की तरफ जाने लगे हैं। सीयर गांव के चैतू, विदेश्वरी, खरभान, घरभरन, सुमिरन आदि लोगों का कहना है कि बाढ़ के भय से मजबूरी में घर छोड़कर पलायन करने की मजबूरी आ गई है। सरकारी स्तर से उन्हें अभी तक कोई सुविधा नहीं मिल सकी है। हालांकि तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। जहां से भी समस्या की सूचना मिल रही है वहां तत्काल राहत के प्रबंध किए जा रहे हैं।

क्षतिग्रस्त बघुआ-नंदौर मार्ग के लिए हस्ताक्षर अभियान

संतकबीर नगर: क्षतिग्रस्त बघुआ- नंदौर मार्ग के काफी समय बाद भी ठीक न कराए जाने से नाराज ग्रामीणों ने बघौली ब्लाक मुख्यालय पर शनिवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान में क्षेत्र के लगभग 20 गांवों के लोगों ने हिस्सा लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढा होने की वजह से आने-जाने में दिक्कत होती है। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हस्ताक्षर अभियान का नेतृत्व करने वाले बघौली ब्लाक के बरईपार गांव निवासी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से मार्ग पर अक्सर गिरकर लोग घायल हो रहे हैं। यदि क्षतिग्रस्त मार्ग की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो एक अगस्त से क्षेत्र के कोपिया शिव मंदिर परिसर मे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर राम नगीना सिंह, गुडडू चौधरी, राजा सिंह, अजय, रामकेश, मोनू पाठक, राजू भारतीय के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.