राइस मिलरों की समस्याओं पर ध्यान दे सरकार

संतकबीर नगर राइस मिलर सोमवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचे। उन्होंने डीएम की नामौजूदगी में अ

JagranMon, 21 Jun 2021 11:33 PM (IST)
राइस मिलरों की समस्याओं पर ध्यान दे सरकार

संतकबीर नगर: राइस मिलर सोमवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचे। उन्होंने डीएम की नामौजूदगी में अपर एसडीएम नवीन चंद्र श्रीवास्तव को कुटे चावल (सीएमआर यानी कस्टम मिल राइस) की रिकवरी फीसद घटाने समेत चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस पर उचित पहल किए जाने की मांग की।

संतकबीर नगर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि प्रदेश में चावल उद्योग कृषि पर आधारित सबसे बड़ा और सर्वाधिक रोजगार सृजन करने वाला उद्योग है। उपेक्षा के चलते यह उद्योग बदहाली का शिकार है। सरकार राइस मिलर से प्रति क्विंटल धान की कुटाई करने पर 67 किलो चावल लेती हैं। अधिकतम 25 फीसद टूटे हुए चावल लिए जाते हैं। साधारण राइस मिल से इतनी मात्रा में चावल दे पाना मुश्किल है। इससे मिलरों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है।

लेबर चार्ज, बिजली, डीजल सहित अन्य खर्च बढ़ जाने से प्रति क्विटल चावल की कुटाई में 250 रुपये खर्च आ रहा है। वहीं पिछले 20 साल से धान की कुटाई के लिए प्रति क्विंटल 10 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं दो साल से राइस मिलरों को प्रति क्विंटल 20 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

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अव्यवस्था देख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

संतकबीर नगर: सेमरियावां स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय के पास सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अधिकारी उन्हें बैठक में बुला लेते हैं, लेकिन बैठने की व्यवस्था नहीं की जाती है। कई बार कहने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा।

सेमरियावां की प्रभारी सीडीपीओ ने संभव पोषण संवर्धन की ओर एक कदम के तहत चर्चा करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सोमवार को बैठक में बुलाया था। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए कुर्सी, बेंच आदि की व्यवस्था नहीं थीं। कार्यकर्ताओं को फर्श पर बैठने के लिए कहा गया, इससे नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाहर निकल आई और प्रदर्शन करने लगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीरा देवी, अजरुन्निशां, निर्मला देवी ने कहा कि सेमरियावां जिले का सबसे बड़ा ब्लाक है। इस ब्लाक में 237 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। कार्यालय के कर्मियों के लिए कुर्सी, मेज की स्थिति ठीक नहीं है, फर्श भी टूटे हैं। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां बैठक के लिए आने पर फर्श पर बैठती हैं। कार्यालय के चारों तरफ झाड़ियां हैं, जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। शौचालय उपयोग करने लायक नहीं है।

प्रदर्शन करने वालों में गीता देवी, उषा गौतम, सुनीता देवी, दुर्गावती देवी, सुशीला देवी, जमीला खातून, निर्मला देवी, चंद्र कला के अलावा अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रही।

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