ओलिंपिक में कैसे लाएं पदक, जब स्टेडियम में कोच नहीं

सहारनपुर के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं लेकिन हर बार की तरह इस बार भी ओलंपिक में खेलने से फिर चूक गए।

JagranWed, 04 Aug 2021 10:50 PM (IST)
ओलिंपिक में कैसे लाएं पदक, जब स्टेडियम में कोच नहीं

सहारनपुर, जेएनएन। सहारनपुर के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी ओलंपिक में खेलने से फिर चूक गए। इसका प्रमुख कारण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित नहीं करना है। स्टेडियम में संसाधनों के साथ विभिन्न खेलों के कोच का अभाव है। यही कारण है कि खेल प्रतिभाओं को निखारा नहीं जा पा रहा है।

टोक्यो में चल रहे ओलिंपिक पर भारत ही नहीं पूरी दुनिया की निगाह लगी है। छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं ओलिंपिक में अपना लोहा मनवा रही हैं। ओलिंपिक में भारत का अब तक सबसे बड़ा खिलाड़ियों का दल भाग लेने गया है। शुरूआती दौर में मीराबाई चानू ने वेट लिफ्टिग में तथा कई खिलाड़ियों ने अन्य खेलों में पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में सहारनपुर मंडल के लोगों को एक सवाल निरंतर परेशान रहा है कि अकेले सहारनपुर की 40 लाख से अधिक की आबादी होने के बावजूद तथा विदेशों तक में अपनी पहचान बनाने वाले यहां के खिलाड़ी आखिर क्यों टोक्यो ओलंपिक में भाग नहीं ले पाए है।

प्रमुख खेलों के कोच नहीं

सहारनपुर के एक मात्र डा. आंबेडकर स्टेडियम में जूडो, कबड्डी एथलेटिक्स, हैंडबाल और टेबिल टेनिस के कोच हैं। लेकिन क्रिकेट, फुटबाल, वालीबाल, बाक्सिंग, हाकी, बास्केटबाल आदि खेलों के कोच नहीं है। इन खेलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश खिलाड़ी क्रिकेट को तवज्जो देते हैं, लेकिन यहां क्रिकेट कोच अब्दुल अहद के दूसरे जिले में चले जाने के बाद से कोई कोच अब तक नहीं आया है। ऐसे में खेल प्रतिभाओं के निखरने पर सवाल उठना लाजमी है

यह भी रहे है कारण

कोरोना संक्रमण की वजह से जिलों के खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं पर खासा असर पड़ा। स्टेडियम के बंद रहने से खिलाड़ी प्रैक्टिस तक को नहीं आ सके। दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण कम हुआ तो कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए खिलाड़ियों को बुलाने की अनुमति मिली। वर्तमान में ओलिंपिक चल रहा है, मेरठ बुलंदशहर आदि जिलों के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिलने की वजह से टोक्यो ओलिंपिक में भाग लेने का मौका मिला है लेकिन सहारनपुर के खिलाड़ी इस बार भी चूक गए।

इनका कहना है.

स्टेडियम में जूडो, कबड्डी, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स और हैंडबाल के कोच हैं। जबकि क्रिकेट, फुटबाल, हाकी, बास्केटबाल के कोच नहीं हैं। कोच उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, खेल प्रतिभाएं निखारने को हर संभव प्रयास किए जा रहे है।

प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सहारनपुर।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.