पुलिस की लापरवाही से गई चौकीदार के बेटे की जान, पांच पशु भी मरे

थाना क्षेत्र के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर रविवार की देर रात दो हादसे हुए। एक हादसे में एक गाड़ी ने कई पशुओं को कुचल दिया जिसमें पांच पशुओं की मौत हो गई। जबकि दूसरा हादसा उस समय हुआ जब पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से हाइवे से पशुओं के अवशेष को हटा रही थी।

JagranMon, 18 Oct 2021 06:37 PM (IST)
पुलिस की लापरवाही से गई चौकीदार के बेटे की जान, पांच पशु भी मरे

सहारनपुर, जेएनएन। थाना क्षेत्र के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर रविवार की देर रात दो हादसे हुए। एक हादसे में एक गाड़ी ने कई पशुओं को कुचल दिया, जिसमें पांच पशुओं की मौत हो गई। जबकि दूसरा हादसा उस समय हुआ, जब पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से हाइवे से पशुओं के अवशेष को हटा रही थी। उसी समय एक ट्रक ने एक चौकीदार के बेटे को कुचल दिया, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस की लापरवाही यह रही कि अवशेष हटाते समय सावधानी क्यों नहीं बरती गई।

बिहारीगढ़ थानाक्षेत्र के मोहंड चौकी के समीप गुर्जर युसूपु का डेरा है। रविवार की रात करीब 12 बजे डेरे से कुछ पशु निकलकर दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आ गए। उसी समय एक स्कार्पियो आई और पशुओं को कुचलते हुए निकल गई। हालांकि कुछ दू्री पर कार चालक कार को छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हाईवे से पशुओं को हटाने का काम शुरू किया, ताकि यातायात बाधित न हो। सूत्रों का कहना है कि मोहंड चौकी इंचार्ज ने थाने के चौकीदार शेर सिंह के बेटे 25 वर्षीय रोहित को भी पशु हटाने के लिए बुला लिया। जिस समय रोहित पशुओं को हाईवे से हटा रहा था तो उसी समय एक ट्रक ने रोहित को बुरी तरह से कुचल दिया। पुलिस ने रोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। सवाल यह उठता है कि आखिर रोहित को रात के समय क्यों बुलाया गया। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि रोहित चौकी पर खाना बनाने का काम करता है, जबकि उसके पिता थाने के चौकीदार हैं। वहीं, बिहारीगढ़ थाना प्रभारी मनोज चौधरी का कहना है कि रोहित को उन्होंने नहीं बुलाया था। रोहित घटनास्थल से गुजर रहा था। वह खुद ही पशुओं को हटाने में लग गया, जिसके बाद हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि स्कार्पियो कार और ट्रक को पकड़ लिया गया है। पशु मालिक युसुफ और रोहित के पिता शेरसिंह की तरफ से अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रात में वहां से निकलना कैसे संभव

रोहित और शेरसिंह पिता-पुत्र हैं। दोनों का गांव बड़गांव थाना क्षेत्र में नियागमी पड़ता है। सूत्रों का कहना है कि रोहित मोहंड चौकी पर ही रहता था। वहीं पर खाना बनाता था। उसे पुलिस ने फोन करके बुलाया और पशुओं को हटाने का काम कराया। पुलिस की लापरवाही के कारण ही रोहित की जान गई है।

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