आक्सीजन का इंतजाम करो, फिर होगा इलाज

आक्सीजन का इंतजाम करो, फिर होगा इलाज

कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। सरकार ने साफ किया है यदि आक्सीजन की कमी हुई तो सीधे जिले के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

JagranFri, 23 Apr 2021 11:27 PM (IST)

सहारनपुर, जेएनएन। कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। सरकार ने साफ किया है, यदि आक्सीजन की कमी हुई तो सीधे जिले के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। हालांकि, दावा है कि राजकीय मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कोई कमी नहीं है, लेकिन दैनिक जागरण ने जब शुक्रवार को लाइव पड़ताल की तो यह दावा एकदम उलट निकला। एंबुलेंस में मरीज तड़प रहे हैं और तीमारदारों की कोई सुनने वाला नहीं। डाक्टर साफ कह रहे हैं कि बेड की व्यवस्था वह करेंगे लेकिन आक्सीजन की व्यवस्था परिवार वाले खुद करके लाएं। इससे साफ है कि मेडिकल कालेज प्रशासन कोरोना मरीजों का पूरा उपचार देने में असमर्थ साबित होने लगा है।

दैनिक जागरण की टीम करीब 12 बजे मेडिकल कालेज पिलखनी पहुंची। यहां खड़ी एंबुलेंस में महिला मरीज थी। नानौता के गांव कचराई निवासी रोशनी देवी के साथ आए उनके देवर सतीश कुमार ने बताया कि उनकी भाभी कोरोना पाजिटिव हैं। वह नानौता के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे, लेकिन डाक्टरों ने मेडिकल कालेज रेफर कर दिया है। वह शुक्रवार सुबह आठ बजे यहां पहुंच गए थे। डाक्टरों ने उनसे कहा, जब वह लोग आक्सीजन की व्यवस्था कर लेंगे तो उनके मरीज को भर्ती कर लिया जाएगा। सतीश का कहना है कि तीन घंटे तक उनकी भाभी एंबुलेंस में तड़पती रहीं, लेकिन उपचार शुरू नहीं हुआ। एक अन्य कोरोना पाजिटिव महिला भी घंटों एंबुलेंस में इंतजार करती रही। उसके स्वजन को भी आक्सीजन का इंतजाम करने को कहा गया। बता दें कि मेडिकल कालेज में 303 बेड की व्यवस्था है, लेकिन यहां 227 मरीज भर्ती है।

वार्ड के बाहर तीमारदारों की भीड़

मेडिकल कालेज में कोविड वार्ड के बाहर तीमारदारों की भीड़ लगी है। उन्हें मेडिकल कालेज में रात में रुकने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। खाना लाने वालों को भी गेट पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशान कर रहे हैं।

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यदि आक्सीजन के लिए परिजनों को कहा गया है तो वह इसकी जांच कर संबंधित डाक्टर पर कार्रवाई करेंगे।

-डा. डीएस मार्तोलिया, प्राचार्य मेडिकल कालेज।

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