बरकरार है मेडिकल कालेज की लापरवाही, बेड को तरस रहे मरीज

बरकरार है मेडिकल कालेज की लापरवाही, बेड को तरस रहे मरीज

कोरोना काल में एक बार फिर जिले का मेडिकल कालेज पिलखनी सुर्खियों में है। यहां पर लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। लापरवाही करने पर प्रदेश सरकार पूर्व प्राचार्य डा. डीएस मार्तोलिया को सस्पेंड कर चुकी है। सीएमएस तक को बदल चुकी है। गुरुवार को भी यहां पर एक मरीज के साथ ऐसा ही हुआ।

JagranFri, 07 May 2021 10:10 PM (IST)

सहारनपुर, जेएनएन। कोरोना काल में एक बार फिर जिले का मेडिकल कालेज पिलखनी सुर्खियों में है। यहां पर लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। लापरवाही करने पर प्रदेश सरकार पूर्व प्राचार्य डा. डीएस मार्तोलिया को सस्पेंड कर चुकी है। सीएमएस तक को बदल चुकी है। गुरुवार को भी यहां पर एक मरीज के साथ ऐसा ही हुआ। जब मरीज के स्वजन मरीज को भर्ती कराने के लिए पहुंचे तो उन्हें बेड होते हुए भी मना कर दिया गया। स्वजन ने सीधे जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को फोन मिला दिया, जिसके बाद उनकी मां के लिए बेड उपलब्ध कराया गया।

रामपुर मनिहारन का रहने वाला एक युवक अपनी कोरोना पाजिटिव मां को लेकर मेडिकल कालेज में पहुंचा। जिस समय उसने डाक्टरों से गुहार लगाई तो उसे डाक्टरों ने बेड नहीं होने की बात कही। करीब वह दो घंटे इधर-उधर भटकता रहा। जब उसे बेड नहीं मिला तो वह मायूस होकर अपनी मां को एंबुलेंस में लेकर चलने लगा। उसी समय उसे एक युवक मिला और उसने उसकी समस्या पूछी। युवक ने सीधे जिलाधिकारी का सीयूजी नंबर दिया और बात करने के लिए कहा, जिसके बाद युवक ने जिलाधिकारी से बात की। डीएम ने तत्काल प्राचार्य डा. अरविद त्रिवेदी को फोन करके कोरोना मरीज महिला को बेड दिलाया और उपचार शुरू कराया, जिसके बाद महिला अब ठीक है। उपचार चल रहा है। युवक ने बताया कि डीएम उनके लिए भगवान बनकर सामने आए हैं। यदि उनकी मां अभी तक भर्ती नहीं होती तो उनकी मौत हो सकती थी। बता दें कि जिला प्रशासन लगातार मरीजों को लेकर गंभीर है, लेकिन मेडिकल कालेज प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। हाल ही में जिला अस्पताल की एक महिला डाक्टर की भी मेडिकल कालेज प्रशासन जान नहीं बचा सका है।

इन्होंने कहा..

हमारे यहां पर जो भी मरीज आ रहा है, उसे तत्काल भर्ती कर लिया जा रहा है। जिस प्रकरण को आप बता रहे हैं। यह मेरी जानकारी में नहीं है। हम मरीज को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरत रहे।

-डा. अरविद त्रिवेदी, प्राचार्य मेडिकल कालेज पिलखनी

मेरे पास एक व्यक्ति का फोन आया था। उसने बताया कि बेड नहीं मिल रहा है, जिसके बाद हमने मेडिकल कालेज प्रशासन से बात करके मरीज को भर्ती कराया। अब महिला मरीज का उपचार हो रहा है।

-अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी।

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