दो पाक महिलाओं को 29 साल बाद मिली भारतीय नागरिकता

सहारनपुर, जेएनएन। भारत-पाकिस्तान के तल्ख संबंधों के बीच सहारनपुर से एक सुखद खबर मिली है। 29 साल पहले पाकिस्तान से निकाह करने के बाद यहां रह रहीं दो महिलाओं को भारत ने नागरिकता दे दी है। शुक्रवार को एसडीएम नकुड़ पूरन सिंह राणा ने दोनों महिलाओं को नागरिकता प्रमाण-पत्र सौंपा तो बुजुर्ग नसरीन व नसीमा की आंखों में आंसू छलक उठे। वर्ष 1990 से ही दोनों दीर्घकालीन वीजा पर यहां रह रहीं थीं।

थाना सरसावा के गांव कुंडा कादियान निवासी नियामत अली का चार अप्रैल 1988 को नसरीन से निकाह हुआ था। नसरीन पाकिस्तान के प्रांत पंजाब के जिला शेखुपुरा के तेली कालू के डेरा निवासी मो. शरीफ की बेटी हैं। नियामत के ही कुनबे के भाई शब्बीर हसन का निकाह भी पाकिस्तान के ही प्रांत पंजाब के जिला जय सिंह कामुकी गुजरों वाला के जहांगीर की बेटी नसीमा से हुआ था। दोनों ने निकाह के दो साल बाद ही भारत की नागरिकता के लिए प्रार्थना-पत्र दिया था, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी। दोनों तभी से दीर्घकालीन वीजा पर यहां रह रहीं थीं। इस दौरान नसीमा ने चार बेटी व तीन बेटों को जबकि नसरीन ने पांच बेटे व एक बेटी को जन्म दिया। शुक्रवार को एसडीएम पूरन सिंह राणा ने दो महिलाओं को अपने कार्यालय बुलाया तो वह समझ नहीं सकीं कि माजरा क्या है। एसडीएम ने दोनों महिलाओं को भारतीय नागरिकता का प्रमाण-पत्र सौंपा तो पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब पता लगा कि यह हकीकत है तो दोनों के आंसू छलक उठे। दोनों के शौहर बोले, करीब 29 साल से इसके लिए प्रयास कर रहे थे, अब सफलता मिली है। नसरीन व नसीमा ने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया।

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