खनन कारोबार में कच्चे रास्तों की रार, चेक गेट से गुजरने पर हरियाणा का इंकार

उप्र तथा हरियाणा की सीमा पर खनन को लेकर फिर रार छिड़ गई है। सहारनपुर प्रशासन ने उप्र की सीमा में पिलर लगवाकर कच्चे रास्तों से खनिज वाहन निकलने पर पाबंदी क्या लगाई हरियाणा के खनन कारोबारियों को दिक्कत शुरू हो गई।

JagranTue, 12 Oct 2021 10:18 PM (IST)
खनन कारोबार में कच्चे रास्तों की रार, चेक गेट से गुजरने पर हरियाणा का इंकार

सहारनपुर, जेएनएन। उप्र तथा हरियाणा की सीमा पर खनन को लेकर फिर रार छिड़ गई है। सहारनपुर प्रशासन ने उप्र की सीमा में पिलर लगवाकर कच्चे रास्तों से खनिज वाहन निकलने पर पाबंदी क्या लगाई, हरियाणा के खनन कारोबारियों को दिक्कत शुरू हो गई। डीएम सहारनपुर ने साफ किया कि हरियाणा के वाहनों की यूपी में एंट्री पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन चेक गेट वाला जो रास्ता प्रशासन ने निर्धारित किया है, उसी से वाहन को यूपी में प्रवेश कराना होगा। इस पर हरियाणा के रेत खनन कारोबारी सहमत नहीं हैं।

मंगलवार को हरियाणा से करीब दो दर्जन लोगों ने सहारनपुर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया, जिसमें उनका कहना है कि वह सभी हरियाणा से माल लाकर यूपी में उचित कीमत पर बेचने का व्यापार करते हैं। आरोप लगाया कहा कि यूपी में खनिज अभिवहन के लिए हरियाणा से कई रास्ते जुड़े हैं, जिन्हें खुदाई कराकर बंद करा दिया गया है, जो नागरिकों के मौलिक अधिकार भारतीय संविधान का खुला उल्लंघन है। अपर जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा का कहना है कि हरियाणा से कुछ खनिज व्यापारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर खनिज अभिवहन खुलवाने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया है। जबकि जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि खनन वाहन निर्धारित मार्ग से चेक गेट के माध्यम से आएं उन पर कोई रोक नहीं है।

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नीयत में खोट तो नहीं

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के निर्देश पर चिलकाना क्षेत्र के गांव नारायणपुर गुज्जर और घोड़ा पीपली में लोहे के पिलर लगा दिए गए हैं। वहीं लगवाए गए खनन चेक गेट से हरियाणा के कारोबारियों को ट्रक एंट्री कराने के लिए कहा गया है। अब हरियाणा के कारोबारी चेक गेट से ट्रकों को क्यों प्रवेश नहीं करा रहे हैं, उन्हें इससे क्या दिक्कत है, यह सवाल है। आखिर क्यों हरियाणा के खनन व्यापारी चोर रास्ते से खनिज लाना चाहते हैं। पिछले दिनों भी एसडीएम ने दो दर्जन से अधिक लोगों को कच्चे रास्तों से अवैध खनन वाहन लाने के आरोप में जेल भेजा था। कच्चे रास्तों को खुलवाने की मांग के पीछे अवैध खनन को बढ़ावा देने की मंशा तो नहीं है।

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