आखिर क्यों खूनी हो रहे सहारनपुर में आवारा कुत्ते

पश्चिम उप्र के सहारनपुर जिले में आवारा कुत्ते खूनी हो चुके हैं। पिछले छह माह में वे कई लोगों को जख्मी और चार दर्जन से अधिक भेड़ों की जान ले चुके हैं। बीते मंगलवार को चालीस व गुरुवार को छह भेड़ों को हमला कर मार चुके हैं। इतना ही नहीं।

JagranThu, 16 Sep 2021 11:33 PM (IST)
आखिर क्यों खूनी हो रहे सहारनपुर में आवारा कुत्ते

सहारनपुर, जेएनएन। पश्चिम उप्र के सहारनपुर जिले में आवारा कुत्ते खूनी हो चुके हैं। पिछले छह माह में वे कई लोगों को जख्मी और चार दर्जन से अधिक भेड़ों की जान ले चुके हैं। बीते मंगलवार को चालीस व गुरुवार को छह भेड़ों को हमला कर मार चुके हैं। इतना ही नहीं। इससे पूर्व भी सहारनपुर में आठ वर्षीय बालक पर अवारा कुत्तों ने हमला उसे बुरी तरह से नोच दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी।

पहली बार नहीं हुई घटना

मिर्जापुर या गांव हंगावली में कुत्तों के हमले की घटना पहली नहीं हुई है। देवबंद में भी ऐसा हो चुका है।

यह है वजह

कुत्तों के इंसानों और पशुओं पर हमले की सीधी वजह यहां मीट का अवैध कारोबार होना बताया जा रहा है। गांवों-कस्बों में चोरी छिपे मीट का अवैध कारोबार युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मीट का अवशेष कारोबारी गलियों तथा रास्तों पर डाल देते हैं। जिसे खाकर कुत्ते खूनी हो रहे हैं। मीट उपलब्ध न होने पर यह कुत्ते इंसान पर हमला कर रहे हैं।

यह है नियम

-यह निकाय की जिम्मेदारी है कि वो आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उनकी नसबंदी कर उनका टीकाकरण भी करें ताकि रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी नहीं हो।

-निकाय की ही जिम्मेदारी है कि वह आवारा कुत्तों को 'फीड' (खाना खिलाने) कराने के लिए एक जगह जरूर तय करे।

- आवारा कुत्तों को सिर्फ तय जगह पर ही 'भोजन' कराया जा सकता है। यह भी जाने

- कुत्ता चाहे आवारा हो या फिर पालतू। यदि उसका टीकाकरण नहीं हुआ है तो उसके काटने से रेबीज होने की पूरी आशंका रहती है।

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