किसानों ने क्रय केंद्र पर किया हंगामा

किसानों ने क्रय केंद्र पर किया हंगामा

सरकारी दावे कुछ भी हों लेकिन किसान अपना धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गुरुवार को घुन्ना क्रय केंद्र पर भी खरीद नहीं होने के कारण किसानों ने प्रदर्शन किया। जबकि केंद्र प्रभारी का कहना था कि उनके पास तो धान रखने की जगह ही नहीं रही है। खरीद इसलिए बंद हुई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल खरीद शुरू न हुई तो वे अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:10 PM (IST) Author: Jagran

सहारनपुर, जेएनएन। सरकारी दावे कुछ भी हों, लेकिन किसान अपना धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गुरुवार को घुन्ना क्रय केंद्र पर भी खरीद नहीं होने के कारण किसानों ने प्रदर्शन किया। जबकि केंद्र प्रभारी का कहना था कि उनके पास तो धान रखने की जगह ही नहीं रही है। खरीद इसलिए बंद हुई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल खरीद शुरू न हुई तो वे अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

गौरतलब है कि धान की खरीद को लेकर इस बार किसान बेहद परेशान हैं। गेहूं की तर्ज पर बहुत से किसानों ने अपना धान हरियाणा की मंडियों में बेच दिया था। लेकिन वहां से अभी तक कोई भुगतान नहीं मिला है और ना ही मंडी से कोई संतोषजनक जवाब ही भुगतान के लिए मिल रहा है। जिसके चलते किसान चितित हैं और गेहूं की फसल बोने के लिए पैसे की कमी से जूझ रहे हैं। घुन्ना में धान खरीद केंद्र पर गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब केंद्र प्रभारी दिलीप कुमार ने स्थान के अभाव में धान खरीदने से मना कर दिया। उनका कहना था कि अभी तो अक्टूबर तक खरीदे गए धान का भी उठान नहीं हुआ है। जैसे ही केंद्र पर खरीदे गए धान की उठान शुरू हो जाएगी, वह खरीद शुरू कर देंगे। इस बात को लेकर किसानों में रोष फैल गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इन किसानों का कहना था कि पिछले 10 दिनों से उनकी ट्रैक्टर- ट्रालियां धान से लदी यहां खड़ी हैं। लेकिन सरकारी अमला धान खरीदने को तैयार नहीं है। इस बारे में वह जिलाधिकारी तक को शिकायत कर धान खरीद के आदेश केंद्र पर लाकर दे चुके हैं। लेकिन केंद्र प्रभारी उनका धान नहीं खरीद रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी धान की खरीद तत्काल शुरू न की गई तो वह अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।

इस मौके पर गांव पानसर, बिजोपुरा, घुन्ना, महेश्वरी, रंडोल, बाबैल बुजुर्ग आदि के वीरेंद्र सिंह, लखमीर सिंह, इमरान, सोमपाल राणा, जयवीर सिंह, प्रकाश चंद, मुनेंद्र राणा, बालेश्वर त्यागी, गंगाराम आदि किसान रहे।

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