मतांतरण के मामले में तीन को भेजा जेल, मुख्य आरोपित को नहीं पकड़ सकी पुलिस

रामपुर सैफनी चौकी क्षेत्र में मतांतरण के मामले में पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपितों को जेल भेज दिया है।

JagranMon, 14 Jun 2021 10:48 PM (IST)
मतांतरण के मामले में तीन को भेजा जेल, मुख्य आरोपित को नहीं पकड़ सकी पुलिस

रामपुर : सैफनी चौकी क्षेत्र में मतांतरण के मामले में पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपितों को जेल भेज दिया है। हालांकि अभी मुख्य आरोपित पकड़ा नहीं जा सका है। मामला सैफनी के बैरुआ गांव का है। यहां रहने वाले ट्रक चालक महफूज की दोस्ती उत्तराखंड के बाजपुर निवासी हरकेश से थी। वह भी ट्रक चलाता था। आठ मई को उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। ट्रक चालक की मौत के बाद उसकी पत्नी बच्चों के साथ उत्तराखंड के कालाढूंगी में रहने लगी थी। पति की मौत के बाद महफूज उसकी पत्नी और बच्चों को सहारा देने के बहाने अपने गांव ले आया। आरोप है कि उसने दोस्त की पत्नी का मतांतरण कराकर निकाह कर लिया। महिला और उसके बच्चों का नाम भी बदल दिया। महफूज के परिवार वालों ने महिला के दो बेटों का खतना भी करवा दिया। पूरे गांव में इसकी दावत भी हुई। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया। सूचना पुलिस अफसरों तक पहुंची तो शनिवार देर रात पुलिस ने बैरुआ गांव में महफूज के घर छापा मारकर महिला व उसके बच्चों को छुड़ाया। महफूज, उसके पिता अंजार, मां मुमताज और खतना कराने वाले पुराना रायपुर गांव के शकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। महफूज पुलिस के हाथ नहीं आया, जबकि बाकी तीन को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया था। सैफनी चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार कटियार ने बताया कि मुख्य आरोपित महफूज फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पति की मौत के पीछे भी महफूज का हो सकता है हाथ, पुलिस करे जांच

मतांतरण का यह मामला चर्चा में आने के बाद हिदू संगठनों में भी आक्रोश है। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यह सोची समझी साजिश के तहत किया गया है। महफूज की नजर महिला पर पहले से थी। उसने महिला के पति से 20 हजार रुपये भी लिए थे। रुपये वापस नहीं दे रहा था, जिसे लेकर उनके बीच विवाद भी हुआ था। ऐसे में संभावना है कि सड़क हादसे के जरिये महफूज ने ही महिला के पति को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया हो। पुलिस को इस मामले में भी जांच करनी चाहिए।

विश्व हिदू परिषद के प्रांत सह मंत्री यशपाल सिंह का कहना है कि चौकी प्रभारी नए आए हैं। लेकिन, चौकी के कुछ पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी थी। इसके बाद भी उन्होंने चौकी प्रभारी को नहीं बताया। खतना के दौरान गांव में दावत हुई थी। खतने के बाद दोनों बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों के चीखने चिल्लाने के बाद मतांतरण की बात फैली। पुलिस के उच्चाधिकारियों को जानकारी मिली तो उनके आदेश के बाद चौकी पुलिस ने एक्शन लिया। पुलिस ने कार्रवाई तो की है, लेकिन अभी कुछ अन्य दोषियों को बचाने का प्रयास किया है। निकाह के समय गवाह बनाए गए लोगों को भी मुकदमे में नामजद किया जाना चाहिए। पुलिस ने मुकदमे की धाराओं में भी खेल किया है। अंग भंग की धारा नहीं जोड़ी गई। उन्होंने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसकी जांच सीओ स्तर के अधिकारी की देखरेख में होनी चाहिए। महिला के पति की मौत के पीछे महफूज भी जिम्मेदार हो सकता है, इस बिदू पर भी जांच करनी चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख उपेंद्र मिश्रा महफूज का पिता गैंगस्टर है। एक गैंगस्टर इतनी बड़ी हरकत कर रहा है। इसका मतलब कि उसके मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। उसने अपने बेटे का महिला से निकाह कराया। महिला का मतांतरण कराया। महिला के दो नाबालिग बच्चों का खतना कराया। उन्होंने मामले की जांच उच्चाधिकारी से कराने की मांग की। कहा कि इस घटना में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। विवेचना में इनके नाम सामने आने चाहिए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.