धान क्रय केंद्रों पर सुस्त पड़ी खरीद, किसान परेशान

धान क्रय केंद्रों पर सुस्त पड़ी खरीद, किसान परेशान
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 12:28 AM (IST) Author: Jagran

रामपुर : सरकार लगातार किसानों को परेशानी न होने देने के लिए नीतियां बनाने में लगी है। स्पष्ट आदेश हैं कि धान की खरीद के दौरान उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद जनपद में क्रय केंद्रों पर बिचौलियों का दबदबा है। इसके साथ ही भुगतान के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।

कुछ दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने केंद्रों पर बिचौलियों का दखल कम करने को लेकर कार्रवाई की थी। वह पैरों में साधारण चप्पल और सिर तथा मुंह को कपड़े से ढक कर किसान की तरह बाइक से वहां पहुंचे थे। इस दौरान वहां बिचौलियों के बीच पहुंच कर उन्होंने उन्हें धान का सैंपल दिखा कर हकीकत जानी। उसके बाद वह केंद्र प्रभारियों के पास भी पहुंचे थे। उन्होंने तत्काल बिलासपुर में केंद्र प्रभारी पर एफआइआर भी करवाई थी। चार दिन पूर्व भी बिलासपुर में मंडी सचिव उदयवीर सिंह ने फर्जी ढंग से धान की खरीद की सूचना पर मंडी परिसर से धान से लदी पिकअप को पकड़ कर जांच की तो धांधली सामने आई थी। इस पर उन्होंने उसके साथ मौजूद रईसुल, मुहम्मद यासीन व राशिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसानों की परेशानी का अंत नहीं हो पा रहा है। बुधवार को दैनिक जागरण की टीम ने धान खरीद केंद्रों का जायजा लिया तो बिलासपुर के गोविदपुरा केंद्र पर खरीदारी कम हो रही थी। केवल एक किसान था। यहां किसान बनकर पहुंचे संवाददाता ने धान का सेंपल दिखाया तो केंद्र प्रभारी ने कहा कि 15 दिन बाद ही उनका नंबर आ पाएगा। स्वार में सड़क का मजरा में गोदाम पर ताला पड़ा मिला। केंद्र पर कोई किसान भी नहीं था और न ही लेबर थी। सच्चाई यह है कि केंद्रों पर बचौलियों का माल तोला जा रहा है। किसानों को परेशान किया जा रहा है। हम अपना धान लेकर क्रय केंद्र पर गए तो कई दिन तक नमी बनाकर परेशान किया गया। अब तक उसे नहीं तोला गया है। अब विवश होकर हमें उसे बिचौलियों को 1200 रुपये में बेचना पड़ रहा है।

अमीर अहमद, किसान, दूंदावाला सरकार किसानों को परेशान न करने के निर्देश दे चुकी है। उसके बाद भी यहां पर हमारा शोषण किया जा रहा है। जब हम धान लेकर जाते हैं तो उसमें नमी बताकर टहला दिया जाता है। उसके बाद कई दिनों तक परेशान होने के बाद जब किसान अंत में हारकर बिचौलियों को उस धान को बेच देता है तो उसे केंद्र प्रभारी तुलवा देते हैं। सरकार को इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है।

तसवीर अहमद, किसान, नरपतनगर दूंदावाला

क्रय केंद्रों पर किसानों का जमकर शोषण किया जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुसार किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब किसान अपना धान लेकर पहुंचते हैं तो किसी न किसी बहाने से उन्हें टहला दिया जाता है। कई दिनों तक इंतजार के बाद भी उनका धान नहीं तोला जाता।

बलजीत सिंह, किसान, सैदनगर प्रशासन द्वारा क्रय केंद्रों पर पिछले दिनों खासी सख्ती दिखाई गई थी। जिलाधिकारी ने स्वयं डीएम बन कर केंद्रों का दौरा किया था। वहां पर मिली खामियों पर कार्रवाई भी की थी। उसके बाद अब फिर से वहीं सब शुरू हो गया है। किसी भी केंद्र पर जाकर देख लें तौल बहुत धीमी चल रही है।

-नाजिम अली, किसान, हमीरपुर लालानगला में आरएफसी सेंटर पर हमारा धान 10 अक्टूबर को तोला गया था। उसका भुगतान आज तक नहीं हो पाया है। जब भी केंद्र पर जाते हैं तो प्रभारी द्वारा तमाम बहाने बनाकर टहला दिया जाता है। सरकार कह रही है कि 72 घंटों में भुगतान हो जाएगा। लेकिन, केंद्रों पर परेशान किया जा रहा है।

-जगजीत सिंह गिल, किसान, बिलासपुर हमने पीआर 126 धान उगाया है। 20 क्विटल धान हमारे पास है जिसे हमें बेचना था। लेकिन, जब हम उसे केंद्र पर लेकर गए तो प्रभारी द्वारा उसे खरीदने से मना कर दिया गया। ऐसे में हम क्या करें, हमारी समझ में नहीं आ रहा। सरकार को किसानों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए।

-रामगोपाल मौर्य, किसान, लोहा पट्टी भोलानाथ

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