असफलताओं से घबराएं नहीं, सीखें और फिर आगे बढ़ें

जागरण संवाददाता, रामपुर : दैनिक जागरण की ओर से चलाई जा रही संस्कारशाला का आयोजन विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में किया गया। इसमें प्रधानाचार्य रामतीर्थ शर्मा ने बच्चों को जीवन में सफलता के मार्ग पर चलने के टिप्स दिए। बच्चों ने भी इस अवसर पर सफलता पाने के लिए जीवन में समय की महत्ता को लेकर विचार रखे।

प्रधानाचार्य ने कहा कि दिन निकलने के बाद सुबह में जिस समय साधारण लोग सो रहे होते हैं, उस समय सफल लोग अपने नए इरादों के साथ आगे बढते चले जाते हैं। देखा जाता है कि लोग सुबह में अचानक बज उठे अलार्म को आलस या नींद के कारण बंद कर देते हैं और दोबारा सो जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए सफलता के मार्ग अक्सर बंद होते देखे गए हैं। इसलिए बच्चों को जीवन में समय का महत्व पहचानना बहुत आवश्यक है। उन्हें सुबह में जल्दी उठने की आदत डालते हुए किसी भी काम को कल पर न टाल कर तुरंत करना चाहिए। कहा कि सुबह के समय जल्दी उठकर पूरी सुबह को अपने कब्जे में कर लें, ताकि आप अच्छे से अच्छा काम कर सकें।

इनके बाद कक्षा 10 के मयंक जोशी ने कहा कि सुबह में जल्दी उठने से दिन भर के काम आसान हो जाते हैं। ताजगी भरे दिमाग और उत्साह से किए हुए काम का परिणाम भी कई गुना अच्छा आता है। जब दुनिया में बाकी लोग पलंग पर आराम कर रहे हों, तब ही आपको अपने सारे काम निपटा लेने चाहिए। दिन का आरंभ स्पष्ट उद्देश्य के साथ करने से हम आसानी से लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। कक्षा 11 के अनुज यादव ने कहा कि हमें जीवन में आगे बढ़ना है तो लोगों की सलाहों पर भी विचार करना चाहिए। आवश्यक नहीं कि आप हर सलाह पर काम करें। सलाह को सुनें, विचार करें उसके बाद यदि सलाह उचित लगे तो उस पर अमल करें। बहुत से लोग दूसरों के सलाह देने से चिढ़ जाते हैं, यह गलत है। सलाह को स्वीकार करना आसान काम नहीं है। यदि सलाह को सुन कर हम अपने कार्य में सुधार का प्रयास करते हैं, तो कई बार हमारा प्रदर्शन और भी अच्छा होने लगता है। कक्षा 10 की सृष्टि सागर ने कहा कि आप अपने जीवन में अच्छे और सफल इंसानों का चुनाव करें। जिन व्यक्तियों को आप दिल से चाहते हों या जिनमें आपकी रुचि हो, ऐसे लोगों की सलाह को सुनें और उनके द्वारा बताए गए उपायों पर चलने का प्रयास करें। ऐसा करने से आप के प्रदर्शन में सुधार आएगा।

अंत में कक्षा नौ की फिरदौस ने कहा कि असफलता निश्चित ही मुश्किल होती है, लेकिन हर कोई जीवन में असफल नहीं होना चाहता। कई बार सफल इंसानों को भी असफलता का स्वाद चखना पड़ जाता है। उसके बावजूद वे भावनाओं में बहकर रुक नहीं जाते, बल्कि असफलता से सीखते हैं और पुन: नई ऊर्जा, नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने लगते हैं। वे असफलता से सीखते हैं कि उन्हें अपने प्रदर्शन में किन परिवर्तनों की आवश्यकता है। याद रखें कि सफल लोगों की यह आदत आपको भविष्य में बहुत आगे ले जाएगी।

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