कृषि सुधार कानून के विरोध में चक्का जाम करेंगे किसान

कृषि सुधार कानून के विरोध में चक्का जाम करेंगे किसान
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 12:48 AM (IST) Author: Jagran

रामपुर : भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण की बात करती है। लेकिन, वास्तव में उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। वह जिला सहकारी बैंक के सभागार में पंचायत में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने पांच नवंबर को होने वाले चक्का जाम को लेकर भी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में जो कृषि सुधार कानून बनाया है, वह पूरी तरह से किसान विरोधी है। इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि हर तरफ से उन्हें नुकसान ही नुकसान सामने आएगा। इनकी आड़ में उद्योगपतियों द्वारा किसानों का शोषण किया जाएगा। किसानों की आय को सुनिश्चित करने का कोई उपाय इसमें नहीं किया गया है। इससे उनकी फसल पूंजीपति लोग सस्ते पर खरीदा करेंगे, जिससे अन्नदाताओं को उसका लाभ नहीं मिल पाएगा। अगर सरकार वास्तव में किसानों की हितैषी है तो डाक्टर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे। उन्होंने बताया कि पांच नवंबर को देश भर में चक्का जाम करने का निर्णय संगठन द्वारा लिया गया है। इसके अंतर्गत दिल्ली-लखनऊ हाईवे को जाम किया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां बांटीं। इसके साथ ही पराली जलाने के मामले में किसानों पर दर्ज कराए जा रहे मुकदमों पर रोष प्रकट किया। राष्ट्रीय महासचिव महक सिंह ने कहा कि हरियाणा की तरह प्रदेश में भी किसानों को सिचाई के लिए बिजली निश्शुल्क मिलनी चाहिए। इस दौरान कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बाबू अली को पूर्णकालिका जिलाध्यक्ष बनाया गया। ऋषभ चौधरी, प्रेमपाल सिंह, रामप्रकाश शर्मा, अमर पाल सिंह, अनूप मिश्रा व कौशल मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

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