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डीएम आवास और सीडीओ कार्यालय तक पहुंचा कोरोना वायरस, चार कर्मचारियों समेत आठ संक्रमित मिले

386 आशंकितों की जांच रिपोर्ट निगेटिव, 11 ने जीती कोरोना से जंग

जागरण संवाददाता, रामपुर : कलेक्ट्रेट के बाद अब कोरोना वायरस जिलाधिकारी आवास और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है। जिले में आठ कोरोना संक्रमित मिले हैं, जिनमें तीन जिलाधिकारी आवास पर काम करते हैं, जबकि एक मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात है। सभी को जौहर यूनिवर्सिटी के कोविड केयर सेंटर में क्वारंटाइन कर दिया है। डीएम आवास एवं कैंप कार्यालय में मिले तीनों कर्मचारी डाक का काम देखते थे। उनके संक्रमित होने से अब दूसरे अधिकारियों के कार्यालय में डाक देखने वाले कर्मचारियों में भी कोरोना का खतरा हो गया है। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने सभी कार्यालयों में डाक का काम देखने वाले कर्मचारियों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही डीएम ने आवास स्थित कार्यालय पर मुलाकात बंद कर दी है। डीएम ने बताया कि संक्रमित मिले कर्मचारियों के परिजनों व संपर्क में आए सभी लोगों की जांच कराई जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार शर्मा ने बताया कि पहली जून को भेजे सैंपल की जांच रिपोर्ट रविवार को मिली है। इसमें 386 आशंकितों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। पहले से संक्रमित 11 मरीजों के ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। आठ नए संक्रमित मिले हैं। इनमें तीन कर्मचारी जिलाधिकारी आवास पर काम करते हैं, जबकि एक सीडीओ कार्यालय पर तैनात है। इसके अलावा शाहबाद के मुहल्ला फर्राशान, शहर कोतवाली के मुहल्ला कुंडा, भोट थाना क्षेत्र के नवादा गांव और टांडा के मुहल्ला पुराना बाजार की एक महिला में कोरोना संक्रमण पाया गया है। उधर, डीएम के आवास स्थित कार्यालय और सीडीओ कार्यालय के कर्मचारियों में कोरोना होने से हड़कंप मच गया है। दोनों कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। डीएम आवास में डाक के लिए अलग कार्यालय है। इससे पहले कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी पॉजिटिव आने से कलेक्ट्रेट और कचहरी तीन दिन से बंद है।

गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 383 हो गई है। इनमें दो की मौत हो चुकी है, जबकि 344 ठीक होकर घर जा चुके हैं। वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 37 रह गई है। अब सीधे शिकायत नहीं लेंगे अधिकारी, लगेगा बॉक्स

रामपुर : कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के बाद डीएम और सीडीओ कार्यालय के चार कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने पर अफसर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने आवास पर मिलने आने वालों के लिए रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि अब कलेक्ट्रेट खुलने पर वहां भी फरियादियों की सीधे शिकायत नहीं ली जाएगी। इसके लिए बॉक्स लगाया जाएगा। फरियादी अपनी शिकायत बॉक्स में डालेंगे। बॉक्स से निकालकर उनके प्रार्थना पत्रों को सैनिटाइज करने के बाद अधिकारी देखेंगे। डीएम ने अन्य अधिकारियों को भी बॉक्स लगाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि यदि किसी को इमरजेंसी है तो वह अपनी शिकायत संबंधित अधिकारी के वाट्सएप या आइजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से कर सकते हैं।

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