लाइसेंस तो ले लिए, प्रशिक्षण की कमी से हो रहे हादसे

परिवहन विभाग के आंकड़े दे रहे आए दिन होने वाले हादसों की गवाही

JagranFri, 30 Jul 2021 11:56 PM (IST)
लाइसेंस तो ले लिए, प्रशिक्षण की कमी से हो रहे हादसे

रायबरेली : यहां पर उतने भारी वाहन भी नहीं, जितने लाइसेंस परिवहन विभाग ने जारी कर दिए। इसके बाद भी हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। कारण, चालकों में प्रशिक्षण और जागरूकता की कमी है।

लालगंज-फतेहपुर रोड पर जनता बाजार के पास एक साल पहले ट्रक बेकाबू होकर लोन नदी में जा गिरा। हादसे में चालक की जान चली गई। तीन महीने पहले यहीं पर एक और ट्रक अनियंत्रित होकर खड्ड में चला गया। चालक बाल-बाल बचा। 15 दिन पहले लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर बाबा का पुरवा के पास राख से लदा एक ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। इस तरह की घटनाएं यहां आम हो गई हैं। शायद ही कोई दिन बीते, जब ऐसी खबरें न आएं।

रात में खलासी चलाते ट्रक

ट्रक जैसे दूसरे भारी वाहनों से होने वाली ज्यादातर घटनाएं रात में घटती हैं। कारण, सड़कों पर सन्नाटे के चलते चालक रफ्तार की सारी सीमाएं पार कर देते हैं। यही नहीं, कई बार तो खलासी को स्टेयरिग थमाकर चालक सो जाते हैं। इसके चलते भी हादसे हो रहे।

ट्रेनिग नहीं, सीधे लीजिए प्रमाण पत्र

भारी वाहन चलाने के लिए तभी कोई आवेदन कर सकता है, जब एक साल हल्का वाहन चलाने का अनुभव हो। इसके बाद भी उसे मोटर ट्रेनिग स्कूल से भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेना पड़ता है। परिवहन विभाग आवेदक की परीक्षा लेता है। पास होने पर ही लाइसेंस दिया जाता है। विभाग से जुड़े लोग बताते हैं कि बहुत से ट्रेनिग सेंटर लेनदेन कर सीधे प्रमाण पत्र ही जारी कर देते हैं। इसी आधार पर लाइसेंस जारी करा लिए जाते हैं।

फैक्ट फाइल

12309 - हैवी लाइसेंस

8308 - भारी वाहन

361015 - सामान्य लाइसेंस

2326 - कंडक्टर लाइसेंस

यहां पर भारी वाहनों के अनुभवी चालकों की कोई कमी नहीं है। ये अक्सर लापरवाही बरतते हैं। इससे हादसे होते हैं। चेकिग के दौरान कई बार अकुशल साथी को वाहन चलाने के लिए बैठा देते हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की जाती है।

मनोज कुमार सिंह

एआरटीओ प्रवर्तन

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