पर्यटकों को लुभाएगा समसपुर पक्षी विहार, बनेगा वाटर स्पोर्टस हब

- 800 हेक्टेयर में फैली बकुलाही झील में जलीय जीवों का बसेरा ठंड में बदल जाती है यहां की फिजां

JagranSun, 06 Jun 2021 11:35 PM (IST)
पर्यटकों को लुभाएगा समसपुर पक्षी विहार, बनेगा वाटर स्पोर्टस हब

पवन श्रीवास्तव, रायबरेली : प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन करना है तो सलोन आइए। यहां समसपुर पक्षी विहार में पक्षियों का कलरव मन को असीम सुकून देता है। बकुलाही झील में जलीय जीवों का विचरण मन मोह लेता है। जैव विविधता का इससे बढि़या स्थल जनपद में कोई दूसरा नहीं है। अब प्रदेश सरकार यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। साथ ही लोगों को आकर्षित करने के लिए पक्षी विहार को वाटर स्पो‌र्ट्स हब के तौर पर विकसित किया जाएगा।

भारत रत्न व देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जब यहां पहली बार आए तो वे बहुत प्रफुल्लित हुए। उन्होंने ही वर्ष 1987 में समसपुर पक्षी विहार की नींव रखी। 799.371 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पक्षी विहार को क्षेत्र की छह झीलों को जोड़कर निर्मित किया गया है।

पाकिस्तान और तुर्किस्तान से भी आते हैं पक्षी

इस पक्षी विहार में शीत कालीन प्रवास के लिए श्रीलंका, पाकिस्तान, तुर्किस्तान, बांग्लादेश, यूरोप, अफगानिस्तान आदि देशों से हजारों किलो मीटर की दूरी तय करके पक्षी आते हैं। यहां अक्टूबर से प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है और दिसंबर व जनवरी में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य चरम पर होता है। मार्च से प्रवासी पक्षी वापस जाने लगते हैं।

इन परिदों की रहती है ज्यादा आवक

ग्रेलैग गूज, बारहेडेड गूज, पिन टेल, कामन टील, गैरगनी टील, विजन, गैंडवल, शावलर, रुडी शेलडक, मैलर्ड, मार्श हैरियर, पेलिकन मार्श, सैडपाइपर आदि प्रवासी पक्षी यहां आते हैं। इन्हें देखने के लिए पक्षी विहार में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

हर मौसम में मनमोहते हैं ये

विदेशी पक्षी तो तीन से चार माह का ही प्रवास यहां करते हैं, लेकिन कोयल, मोर, सारस, क्रेन, कांम्ब डक, तीतर, स्पून बिल, किग फिशर, इगरेट, हुदहुद, ब्लैक आइविस, लिटिल ग्रीब, जंगल बैबलर इत्यादि पक्षी हर मौसम में पक्षी विहार में उड़ान भरा करते हैं। झील में जलीय जीव कछुआ और मछलियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

वर्जन,

समसपुर पक्षी विहार जैव विविधता का अनूठा उदाहरण है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए जन प्रतिनिधियों द्वारा पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि एक बार फिर से यहां वही रौनक लौट आएगी जोकि 20 वर्ष पहले थी। अभी तक वाटर स्पो‌र्ट्स हब के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है।

अमित कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय वनाधिकारी सलोन

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