बिजली का बिल उड़ा रहा नींद, चैन से सो रहे जिम्मेदार

रायबरेली नगर हो या गांव बिजली का बिल उपभोक्ताओं की नींद उड़ा रहा है। कुछ लोग मीटर

JagranTue, 26 Oct 2021 09:46 PM (IST)
बिजली का बिल उड़ा रहा नींद, चैन से सो रहे जिम्मेदार

रायबरेली : नगर हो या गांव, बिजली का बिल उपभोक्ताओं की नींद उड़ा रहा है। कुछ लोग मीटर में गड़बड़ी तो कुछ मीटर रीडरों को इस समस्या के लिए जिम्मेदार बता रहे। कई दिनों की दौड़भाग करने के बावजूद बिल ठीक न होने पर कनेक्शनधारकों पर भार बढ़ता जा रहा। वहीं, अधिकारी समस्याओं का निराकरण करने के बजाए चैन की नींद सो रहे। पेश है एक रिपोर्ट.. केस एक

बिल ठीक न हुआ, बकाया बढ़ गया फोटो संख्या - 29 जगतपुर में सलोन रोड निवासी परवीन बानो ने बताया कि पांच साल पहले एकाएक 25 हजार रुपये का बिजली का बिल आ गया था। इसे ठीक कराने के लिए उपकेंद्र से उपखंड तक चक्कर लगाए। बिल तो ठीक नहीं हुआ, बल्कि बकाया बढ़कर एक लाख हो गया। केस दो

एक बल्ब और एक पंखा, बिल 60 हजार फोटो संख्या - 30 जगतपुर के पूरे सोनारन निवासी हरिपाल बताते हैं कि उनके घर में सिर्फ एक बल्ब और एक पंखा है। इसके अलावा बिजली के कोई उपकरण नहीं हैं। सिर्फ इतने लोड के लिए दो महीने का पांच हजार बिल दिया गया था। धीरे-धीरे बिल बढ़कर दो साल में 60 हजार हो गया, लेकिन सही नहीं हो सका। केस तीन कई गुना अधिक बिल देख उड़े होश

फोटो संख्या - 31 ऊंचाहार के रामसांडा निवासी संजय श्रीवास्तव बताते हैं कि हर महीने तो कभी बिजली का बिल आता ही नहीं। करीब छह महीने पहले की बात है। रीडर घर पर बिल बनाने आया था। जब उसने बिल दिया तो वे चौंक गए। करीब दो साल का 25 हजार बकाया दिखाया गया था, जो कि असल बिल से कई गुना अधिक था। बहुत प्रयास किए, लेकिन बिल अब भी सही नहीं हुआ।

इनकी भी सुनें

जिले में अब तक बिजली की बिलिग का काम जो कंपनी देख रही थी, उसके खिलाफ तमाम शिकायतें रहीं। इसके कारण इस बार नई कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। वह एक नवंबर से काम शुरू करेगी। जो बिल गड़बड़ हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वाइएन राम

अधीक्षण अभियंता, पावर कारपोरेशन --

घरेलू कनेक्शन,दो महीने का बिल 16 लाख

रायबरेली : दीनशाह गौरा निवासी तीरथराज का गदागंज रोड पर मकान है। इसी के सामने वे पान की दुकान कर घर-गृहस्थी चलाते हैं। इन्होंने बताया कि लगभग हर महीने वे घर का बिल जमा कर देते थे। अगस्त में भी पूरा भुगतान कर दिया था। किन्ही कारणों से दो महीने बिल नहीं आया। फिर एक दिन 16 लाख रुपये का बिल उन्हें मिला, इसे देख पूरा परिवार अवाक रह गया। उपकेंद्र पहुंचे तो वहां से उपखंड कार्यालय जगतपुर भेज दिया गया। उधर, एसडीओ जगतपुर वरुण कुमार ने बताया कि सिस्टम की खामी के चलते गलत बिल बन गया था। मामला संज्ञान में आने पर करीब एक हजार के आसपास का सही बिल उपभोक्ता को दे दिया गया है।

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