गुरुजी पढ़ा रहे पर्यावरण संरक्षण का भी पाठ

रायबरेली पढ़ाना उनका कर्तव्य है तो हरियाली जुनून। ड्यूटी और शौक के बीच बेहतर तालमेल से

JagranThu, 02 Dec 2021 11:59 PM (IST)
गुरुजी पढ़ा रहे पर्यावरण संरक्षण का भी पाठ

रायबरेली: पढ़ाना उनका कर्तव्य है तो हरियाली जुनून। ड्यूटी और शौक के बीच बेहतर तालमेल से शिक्षा के मंदिर को आदर्श रूप में स्थापित कर दिया। हम बात कर रहे हैं पर्यावरण प्रेमी शिक्षक बचनेस मिश्र की। ये छात्रों को किताबी ज्ञान देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का भी पाठ पढ़ा रहे।

नगर के रहने वाले बचनेस मिश्र ने वर्ष 1987 में मुस्तफाबाद जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पद का कार्यभार संभाला था। खुद के पैसे लगाकर नर्सरी से पौधे खरीदकर लाते थे। बच्चों को पढ़ाने के बाद समय मिलते ही पौधों को विद्यालय में रोपित करने लगते थे। खाद, पानी देने व अन्य देखभाल के लिए ऐसे ही वक्त निकालते थे। शुरुआत में साथी अध्यापकों ने इनका मखौल उड़ाया, लेकिन पौधों से स्कूल की वीरान भूमि में रौनक आई तो साथियों की सोच भी बदलने लगी। पर्यावरण संरक्षण में सब बचनेस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगे।

स्कूल बदला, सोच रही पुरानी

वर्ष 2008 में बचनेश का प्रमोशन हुआ और वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंदरावा के प्रधानाध्यापक बन गए। दो बीघे से अधिक भूमि यहां स्कूल में खाली पड़ी थी। पीपल, बरगद, नीम, चिलवल, शीशम, आंवला, सागौन, अमरूद, जामुन के पौधे लगाए। नियमित देखरेख की। नतीजतन विद्यालय परिसर में हरियाली छा गई। 200 से अधिक पेड़ इस विद्यालय में हैं। उनकी ही राह पर चलकर छात्र-छात्राओं ने घर के आसपास पौधे रोपने शुरू कर दिए हैं।

सड़क के किनारे स्कूल, प्रदूषण दूर

विद्यालय में पांच शिक्षकों और दो अनुदेशकों की नियुक्ति है। भोजनावकाश में बच्चे इन छायादार पेड़ों के नीचे बैठकर भोजन करते हैं। विद्यालय सड़क के निकट होने के बाद भी वाहनों के धुएं के प्रदूषण का यहां पर कोई प्रभाव नहीं है। बच्चों को खेलते व टहलते समय शुद्ध वायु मिलती है। इस माहौल में उनका मन भी लगा रहता है।

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