धरने पर बैठे अधिकारी-कर्मचारी, दफ्तरों में कामकाज ठप

रायबरेली कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की अगुवाई

JagranFri, 29 Oct 2021 12:11 AM (IST)
धरने पर बैठे अधिकारी-कर्मचारी, दफ्तरों में कामकाज ठप

रायबरेली: कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की अगुवाई में गुरुवार को अधिकारियों-कर्मचारियों ने धरना दिया। विकास भवन में आयोजित इस आंदोलन के जरिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया गया। चेताया कि मांगें पूरी न हुईं तो 30 नवंबर को लखनऊ में प्रदर्शन होगा। इस दौरान दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। इसके चलते फरियादियों को वापस लौटना पड़ा।

अधिकार मंच के संयोजक रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यूपी में एक अप्रैल 2005 से लागू नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करके पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। सिचाई विभाग के सींचपाल व नलकूप चालक का ग्रेड पे 2800 रुपये किया जाए। अंशकालिक नलकूप चालक को नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनुमन्य भत्तों को भी मान्य किया जाए। कैशलेश चिकित्सा सुविधा कार्मिकों, शिक्षकों व पेंशनरों को दी जाए। सातवें वेतन आयोग की संस्तुति जारी की जाए। अध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों को स्कूल में मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। गैर जनपद के अध्यापकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण किया जाए। सभी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। दिवंगत शिक्षकों के आश्रित जो बीटीसी, बीएड पास हैं, उन्हें टीईटी से छूट देकर शिक्षक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लिपिक संवर्ग के कर्मियों के लिए सभी जनपदों में मिनी सचिवालय बनाया जाए। कलेक्ट्रेट के लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए दस फीसद कोटा निर्धारित किया जाए। जूनियर इंजीनियरों की वेतन विसंगतियां दूर की जाए। राजस्व लेखपाल का पदनाम राजस्व निरीक्षक होना चाहिए।

महासचिव बृजेश कुमार सोनकर ने कहा कि पीआरडी जवान, होमगार्ड, रसोइया, आशाबहू, मनरेगा कर्मी, संविदा कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रति माह 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। दस वर्ष नौकरी करने वालों को नियमित किया जाए।

बकाया भुगतान की मांग

आशा वर्कर्स यूनियन और मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने संयुक्त रूप से विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। मांग की कि उनका बकाया भुगतान दीपावली के पहले कराया जाए। प्रतिमाह मानदेय नियत किया जाए ताकि, वे भी समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। अनीता मिश्रा, गीता मिश्रा, सावित्री देवी, सरिता त्रिपाठी, सरला श्रीवास्तव, कृष्ण आत्मा शर्मा, सुशीला देवी मौजूद रहीं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.